आशीष लेने मंदिरों में जुटेगी भीड़, घरों में बनेंगे पकवान
बांग्ला कैलेंडर के अनुसार बंग समुदाय का 15 अप्रैल से नया साल 1425 शुरू होगा। नए साल यानी पोइला बैशाख पर बंगाली समाज अपनी संस्कृति में रम जाएगा। पुराने गिले-शिकवे भुलाकर शुभ नोबो बोरसो कहते हुए एक-दूसरे को बधाई देंगे। घरों में पकवान बनेंगे।
सुबह-सुबह लोग नववर्ष मंगलमय होने की कामना करने के लिए मंदिर जाकर पूजा करेंगे। राजा चौधरी, महासचिव, बंगाल क्लब
बंगाली समाज की संस्कृति काफी समृद्ध है, दूसरे समुदाय में देखने को नहीं मिलती है। अमिताभ घोष, उपाध्यक्ष, कला मंदिर
पोइला बैशाख पर तो विभिन्न प्रकार के व्यंजनों से थाली सजी रहती है, मछली का लाजमी है। तापस मित्रा, अध्यक्ष, बंगाल क्लब