बांग्ला संस्कृति में पोइला बैशाख महत्वपूर्ण दिन है : शेखर डे
श्रीलेदर्स के निदेशक शेखर डे ने कहा- बांग्ला संस्कृति में पोइला बैशाख महत्वपूर्ण दिन माना जाता है। इस दिन बांग्ला पंचांग की शुरुआत होती है। शनिवार को बिष्टुपुर स्थित कमानी सेंटर में उन्होंने कहा- आधुनिक युग में पश्चिमी सभ्यता व संसार विश्व में बढ़ रहा है। लेकिन भारत में आज भी अपनी परंपरा और सांस्कृतिक को धरोहर की तरह संजोकर रखा गया है।
पोइला बैशाख के दिन बंगाली परंपरा के अनुसार, लोग बड़ों का पैर छूकर आशीर्वाद लेते हैं। सभी घरों में लजीज पकवान बनाए जाते हैं। इसमें मछली के कई वेरायटी परोसी जाती है। उनकी मां पोइला बैशाख पर मछली के 13 व्यंजन बनाकर खिलाती थी, जिसका याद आज भी है।
इसके अलावा अलग-अलग स्थानों पर गीत-संगीत का आयोजन किया जाता है। उन्होंने कहा- भारत की युवा पीढ़ी आधुनिक चकाचौंध में अपनी संस्कृति और परंपरा से दूर हो रहे हैं। समाज के युवाओं को अपनी प्रतिभा और योग्यता के आधार पर भविष्य का निर्माण करनी चाहिए, न कि सरकार के नीतियों या योजना पर निर्भर होना चाहिए।
शेखर डे