अब तक विज्ञान समाज को बचाता रहा, अब इसको बचाने की जरूरत : डॉ बारिक
ब्रेक थ्रू सोसायटी के मार्च में शामिल वैज्ञानिक, प्रोफेसर व अन्य।
एजुकेशन रिपोर्टर | जमशेदपुर
वर्तमान भारत में विज्ञान के समक्ष कई गंभीर चुनौतियां हैं, क्योंकि सरकार विज्ञान की अनदेखी कर रही है। अभी तक विज्ञान समाज को बचाती आई है। लेकिन अब विज्ञान को बचाने की जरूरत है। यह बातें ब्रेक थ्रू साइंस सोसायटी की ओर से शनिवार को ग्रेजुएट कॉलेज गेट से निकाली गई साइंस मार्च के दौरान सोसायटी के प्रदेश सचिव डॉ कन्हाई बारिक ने कहीं। इस मार्च में बड़ी संख्या में विद्यार्थी, शिक्षक व वैज्ञानिक शामिल हुए।
मार्च ग्रेजुएट कॉलेज गेट से निकलकर साकची के विभिन्न इलाकों में होते हुए साकची गोलचक्कर पर जाकर सभा में तब्दील हो गई। इसमें वक्ताओं ने कहा कि पूरी दुनिया के जनवाद प्रिय मानवतावादी वैज्ञानिक, दुनिया के विभिन्न शहरों में विज्ञान को बचाने हेतु सड़कों पर उतर रहे हैं और अपनी सरकार से कई तरह की मांग कर रहे हैं। इस मार्च में वर्कर्स कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ बीएन प्रसाद, ग्रेजुएट कॉलेज के प्रोफेसर अमिताभ बोस, केयू की डॉ किरण शुक्ला, प्रोफेसर प्रशांत कुमार, डॉ एसके साहू, डॉ नंदिता नाग, प्रोफेसर पल्लव कांति विश्वास, वैज्ञानिक शैलेंद्र अस्थाना, ब्रेकथ्रू साइंस सोसायटी के पतित पावन कुइला, विजय कुमार, अनंत महतो, कार्तिक सोम, विशाल कुमार, वीरेंद्र महतो, अरुण कुमार आदि शामिल हुए।