अक्षय तृतीया पर 51 साधकों ने एक वर्ष तक उपवास करने का लिया संकल्प
स्थानकवासी जैन संघ टाटानगर की ओर से बिष्टुपुर जैन भवन में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्र संत कमल मुनि कमलेश ने कहा कि सभी परंपराओं का सम्मान करना धर्म का प्रवेश द्वार है। उपासना पद्धति को लेकर बिखराव अक्षम्य अपराध है। ऐसे असामाजिक तत्व सफलता में बाधक और महापुरुषों के कट्टर शत्रु हैं। बुधवार को अक्षय तृतीया पर 51 भाई-बहनों ने एक वर्ष उपवास रखने के संकल्प लिया। अंत में एक वर्ष से उपवास कर रहे साधकों का मुनि कमलेश में पारणा कराया। मौके पर सोनारी, साकची, रांची, कोलकाता आदि स्थानों से आए साधक मौजूद थे।
अनुष्ठान में शामिल श्रद्धालु।