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खुदीराम बोस के दिखाए रास्ते पर चलें

3 वर्ष पहले
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झारखंड लोक कला एवं सांस्कृतिक विकास परिषद की ओर से बिरसा मुंडा टाउन हॉल सिदगोड़ा में बांग्ला नववर्ष धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम का उदघाटन बतौर मुख्य अतिथि समाजसेवी शेखर डे ने शहीद खुदीराम बोस व शिक्षाविद स्व. रंजीत चौधरी की तस्वीर के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित एवं माल्यार्पण कर किया। इस दौरान शेखर डे ने शहीद खुदीराम बोस व डॉ. रंजीत चौधरी की जीवनी पर प्रकाश डाला एवं उनके दिखाए रास्ते पर चलने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि संस्था की ओर से कला एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम के माध्यम से आर्थिक स्थिति से कमजोर परिवार के बच्चों को मंच देने के लिए जो कार्य किया जा रहा है वह काफी सराहनीय है। इसको सफल बनाने में मेरा हमेशा सहयोग रहेगा। इस अवसर पर शहर के कलाकारों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम की शानदार प्रस्तुति देकर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। इसके अलावा संस्था की ओर से 11 मार्च को टाटा जूलॉजिकल पार्क में आयोजित निबंध एवं ड्राइंग प्रतियोगिता में सफल प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया। मौके पर प्रशांत बनर्जी, राजेश राय, अजंता बोस, पूरबी दत्ता आदि मौजूद थीं।

सोनारी : स्माइली संस्था ने वरिष्ठ नागरिकों के साथ मनाया नववर्ष

बांग्ला नववर्ष पर संस्था स्माइली की ओर से सांस्कृतिक संध्या का आयोजन सोनारी कम्युनिटी सेंटर में किया गया। इस दौरान ऑनो-मोनोस्को ग्रुप के संगीतकार अनिंदिता चक्रवती ने बांग्ला संगीत की प्रस्तुति दी। वहीं, नन्हे कलाकार शुभांगी सरकार, शीलु दास, अस्मिता मुखर्जी, किरण घोष व सौमी घोष और बड़े कलाकार उद्यन बोस, वंदना बागची व चंद्रिमा घोष ने कविता, नृत्य व संगीत पेश किया। तबले पर दिग्विजय ओझा व नारायण कुशारी ने साथ दिया।

कार्यक्रम में उपस्थित अतिथि।

कदमा : बांग्ला व आदिवासी संस्कृति की दिखी झलक

झारखंड बांग्ला भाषी युवा मोर्चा एवं कदमा फार्म एरिया न्यू सार्वजनिक दुर्गा पूजा कमेटी की ओर से बांग्ला नववर्ष पर “वर्ष वरण 1425” कार्यक्रम का आयोजन न्यू फार्म एरिया दुर्गा पूजा मैदान में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत दुति चक्रवर्ती, स्निग्धा चक्रवर्ती, लोवजीत, अवनीत ने एकल व समूह नृत्य की प्रस्तुत देकर की। इस दौरान कोलकाता के मशहूर संगीतकार राणा मुखर्जी व संपा राय ने अपने बांग्ला गीत ओरे छेड़े दिले सोनार गौर आर तो पाबि..., धरो हाल शक्त हाते .., जदि कगजे लिखान..., एकटुकु चुया लगे..., सधेर लाउ बानाइलो मोरे बिरागी... से कार्यक्रम में रंग जमाया। वहीं, दूसरी ओर झारखंड लोक कला एकेडमी के कलाकारों ने झारखंड की पारंपरिक व सांस्कृतिक नृत्य बाहा व पाता की प्रस्तुति देकर आदिवासी संस्कृति को भी मंच पर जीवंत कर दिया। मौके पर टीटू दास, रुनु महंती, पल्लव दलाल, चित्रोदीप भट्टाचार्य, निसित गिरि, विजय बनर्जी, आफ सी पंजा, अरूप राय, बप्पा घोष, बीजू महतो, बाबली दास, अमित कर, उज्ज्वल बनर्जी आदि मौजूद थे।

सांझबाती में 200 संगीतकारों ने लिया भाग

सांस्कृतिक संस्था स्वर-ओ-लिपी की ओर से बांग्ला नववर्ष पर कल्चर सेंटर सोनारी में आयोजित दो दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम सांझबाती बैशाख के दूसरे दिन रवींद्र संगीत सोलो व प्रसिद्ध संगीतकार अतुल प्रसाद सेन, रजनीकांत सेन द्वारा लिखित संगीत एवं अन्य नजरूल गीति और विजेंद्र गीति के लिए ग्रुप संगीत प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें शहर के करीब 200 संगीतकारों ने भाग लिया। इससे पहले कार्यक्रम की शुरुआत संस्था के निर्देशक सव्यसाची ने की। इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष सुदीप्तो मुखर्जी, नालिनी मुखर्जी, मिठू मंडल, कमला मुखर्जी आदि मौजूद थे।

अल्पसंख्यक हेड अंचितम गुप्ता सम्मानित

तरुण संघ सोनारी व निखिल भारत बंग साहित्य सम्मेलन की ओर से सोनारी स्थित तरुण संघ परिसर में पोइला बैशाख मनाया गया। इस दौरान झारखंड सरकार की ओर से जमशेदपुर के अचिंतम गुप्ता को बंगाली समुदाय का अल्पसंख्यक हेड बनाए जाने पर केंद्रीय सचिव जयंत घोष ने सम्मानित किया। इसके साथ ही एक अप्रैल को मिलानी में आयोजित संगीत प्रतियोगिता के विजेता स्वराज ठाकरा, सतरूपा चक्रवती, रूपा बर्मन, समीहा मुखर्जी, अनुप्रिया विश्वास, शांतनु दास गुप्ता व श्रावणी कौर को सम्मानित किया गया। सतरूपा चक्रवती को ओवरऑल चैंपियन घोषित किया।

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