बांग्ला अामार सरसो इलिश गीत पर झूमे संगीत प्रेमी
सबुज कल्याण संघ टेल्को में रविवार की शाम बांग्ला नववर्ष मनाया गया। इस अवसर पर कोलकाता के कलाकार तथागत सेनगुप्ता और मधुमंती ने आधुनिक बांग्ला गीतों के साथ ही पुराने फिल्मों में गाए मन्ना डे के गीतों को भी आवाज दी। शाम सात बजे इस सुरमई शाम का शुभारंभ हुआ।
सबसे पहले तथागत सेनगुप्ता ने अपने गीतों से झुमाया। उन्होंने संगीत प्रेमियों के मूड को देखते हुए आधुनिक बांग्ला गीतों के साथ ही ओल्ड मेलोडी सांग को आवाज दी और इस शाम को यादगार बनाया। उन्होंने सुंदोरी जो दोहाई दोहाई मान करो ना, अमारो प्राणो जाहा चाह और हय तो तोमारी जोन्नो गीत की प्रस्तुति की। तथागत सेनगुप्ता के बाद मधुमंती ने अपनी सुरीली आवाज से इस शाम को अंजाम तक पहुंचाया। उन्होंने बांग्ला अमार सरसो इलिश और ओ मोर मोयना गो... सरीखे आधुनिक बांग्ला गीत गाए। इसके पहले विकास मुखर्जी ने नववर्ष समारोह का उदघाटन किया। उन्होंने कहा कि बांग्ला नववर्ष हमें अपनी भाषा और संस्कृति से जोड़ता है। बांग्ला भाषियों से कहा कि वे बच्चों को अपनी संस्कृति की समृद्ध धरोहर से अवगत जरूर कराएं, ताकि वे आगे बढ़ सकें। मौके पर सबुज कल्याण संघ के मिथिलेश घोष, अमित बोस आदि मौजूद थे।