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संक्रमण के चलते एक माह से नर्सरी में हैं डोना व शावक, जू पहुंच रहे लोगों में मायूसी

3 वर्ष पहले
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टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क में मादा बाघ डोना और उसके शावकों को बाड़े में नहीं छोड़ा जा रहा है। इससे जू आने वाले पर्यटकों को निराशा हो रही है। बाघ के बाड़े में बेबिसिओसिस बीमारी फैलने के बाद से डोना और उसके शावकों को नहीं छोड़ा जा रहा है।

बताया जा रहा है कि हाल में एक बाघिन और मादा शावक की मौत के बाद जू प्रबंधन बेबिसिओसिस को लेकर जोखिम नहीं ले रहा है। इसके चलते बाड़े में बच्चों को नहीं छोड़ा जा रहा है। जू आने वाले अधिकतर पर्यटक डोना और उसके शावकों को देखना चाहते हैं। वे नहीं दिखते हैं तो अफसोस जता रहे हैं। जू में औसतन 1100 पर्यटक रोजाना आते हैं।

नर्सरी में शावक, बाड़े में सफेद बाघ अकेला

डोना व उसके दो शावकों को लगभग एक माह से नर्सरी में रखा गया है। वहां उनके स्वास्थ्य की लगातार निगरानी रखी जा रही है। बेबिसिओसिस के संक्रमण से बचाने के लिए उनका इलाज किया जा रहा है।

हम तो जू में शावकों को उसकी मां के साथ देखने के लिए आए थे। लेकिन बाड़े में उन्हें नहीं छोड़ा गया है। इससे मायूसी हुई। सफेद बाघ तो पहले भी देखा था। - सुमित सिंह, पर्यटक।

जू पहले भी आते रहते हैं। आज बच्चों को लेकर आए थे बाघिन और शावक को दिखाने। लेकिन वे बाड़े में दिखाई नहीं दिए। शैलेश कुमार, पर्यटक।

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