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डिजाइनिंग में छात्रों का बढ़ा रुझान, निफ्ट की प्रवेश परीक्षा में 30 सफल

3 वर्ष पहले
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सिटी रिपोर्टर जमशेदपुर

टेल्को निवासी मनोज कुमार सिंह को उनके पिता इंजीनियर बनाना चाहते थे। इसके लिए शहर के एक मशहूर कोचिंग संस्थान में दाखिला भी करा दिया। लेकिन मनोज की रुचि डिजाइनिंग में थी। पिता से छिपकर मनोज ने एक डिजाइनिंग इंस्टीट्यूट से क्रैश कोर्स किया। फीस के लिए ट्यूशन पढ़ाया और आखिर में निफ्ट (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी) की परीक्षा में सफलता अर्जित की। आज मनोज निफ्ट दिल्ली में फैशन डिजाइनिंग की पढ़ाई कर रहे हैं। डिजाइनर नेक्सस के निदेशक अनंत कुमार कहते हैं- चार साल पहले तक शहर में इंजीनियरिंग और मेडिकल को छोड़ स्टूडेंट्स दूसरे क्षेत्र में जाने को तैयार नहीं होते थे। फैशन और डिजाइनिंग को लेकर पैरेंट्स की सोच भी बहुत सकारात्मक नहीं थी। लेकिन इन चार साल में स्टूडेंट्स के अलावा पैरेंट्स का नजरिया भी बदला है। इस साल शहर के बच्चों ने एनआईडी अहमदाबाद और निफ्ट की परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन किया है।

जाने निफ्ट के बारे में

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (एनआईएफटी) भारत सरकार के कपड़ा एवं वस्त्र मंत्रालय की संस्थान है। डिजाइनिंग की आईआईटी कहे जाने वाले इस संस्थान में दाखिला लिखित परीक्षा और सिचुएशन टेस्ट के आधार पर होता है। नवंबर में निफ्ट के 16 संस्थानों में दाखिला के लिए आवेदन निकलता है। जनवरी में इसकी लिखित परीक्षा और अप्रैल में सिचुएशन टेस्ट होता है। दोनों परीक्षा के आधार पर अंतिम रूप से सफल विद्यार्थियों की मेरिट लिस्ट जारी की जाती है।

इस साल सफल होने वाले विद्यार्थी सिमरन बेहरा (एससी रैंक-1, जेनरल रैंक-49), जयप्रकाश (जेनरल रैंक-99), शिवानी (ओबीसी रैंक-24), विष्णु (एसटी रैंक-3), रिया ((जेनरल रैंक-832), ख्याति (जेनरल-844), प्रिया (जेनरल-960), कर्शनी ((जेनरल-1210), अंजलि (जेनरल-1915), यश (जेनरल-2453), मुक्ता (जेनरल-2803), सुदेशना (केटेगरी रैंक-763), पुष्पा (केटेगरी रैंक-11), सीताराम (केटेगरी रैंक-53), रिचा (केटेगरी रैंक-58), अरूण (केटेगरी रैंक-63), हर्षा (केटेगरी रैंक-163), राहुल (केटेगरी रैंक-763), आकृति (केटेगरी रैंक-1084), प्रदीप्ता (355), रीमा (361), कंचन (385), ऋषभ (395), निधि (475), आशुतोष (800), चित्रा (814), मोनाली (1014) और श्रेया (1115)।

 पहले मैं मेडिकल क्षेत्र में जाना चाहता था, लेकिन जल्द ही यह अहसास हुआ कि मेरी रुचि डिजाइनिंग के क्षेत्र में है। पैरेंट्स ने भी काफी सपोर्ट किया। उन्होंने कहा-जो तुम करना चाहते हो करो, लेकिन अपने क्षेत्र में बेहतर करो।  जयप्रकाश सिन्हा, विद्या भारती चिन्मया स्कूल

 मेरा जेनरल रैंक 284 और ओबीसी रैंक 24 रहा है। पैरेंट्स ने इस क्षेत्र में जाने के लिए कभी रोका नहीं। एएफए के निखिल सर ने काफी प्रोमोट किया।  शिवानी गुप्ता, लिटिल फ्लावर स्कूल

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