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जमशेदपुर में 8 दिन से एड्स की दवा खत्म, 73 मरीजों की स्थिति बिगड़ी

3 वर्ष पहले
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एमजीएम अस्पताल के एंटी रेट्रोवायरल सेंटर (एआरटी) में आठ दिन से दवा खत्म है। सेंटर में इलाज करा रहे 1523 में से 73 एड्स मरीजों की स्थिति गंभीर है। केयर टेकर डॉ. निर्मल कुमार ने शनिवार शाम अस्पताल के प्रभारी अधीक्षक डॉ. नकुल चौधरी को जानकारी दी। उन्होंने कहा, सोमवार तक मरीजों को दवा नहीं मिली तो हालात बेकाबू हाेंगे। अधीक्षक ने असिस्टेंट प्रोजेक्ट डायरेक्टर को यह जानकारी दी। उन्होंने सोमवार तक दवा उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। डॉ. निर्मल ने बताया, सेंटर में एक माह से दवा की कमी है, लेकिन 8 दिन से कोई दवा उपलब्ध नहीं है।

जल्द दवा नहीं मिली तो हालात बेकाबू हाेंगे : सेंटर इंचार्ज

अनदेखी... 15 दिन में भेजे 8 रिमाइंडर लेकिन न दवा मिली, न विभाग का जवाब

सेंटर के केयर टेकर डॉ. निर्मल के अनुसार पिछले 15 दिन में दवा के लिए 8 रिमाइंडर निगम को भेजे। लेकिन अब तक न दवा आई, न ही विभाग का जवाब। अधिकारियों से बात की तो वो दवा भेजने की बात कहते हैं पर दवा नहीं आ रही है। कई मरीज लंबी दूरी तय कर सेंटर आ रहे हैं और दवा नहीं मिलने पर निराश होकर लौट रहे हैं। झारखंड एड्स कंट्रोल कमेटी के वरीय अधिकारी डाॅ. मतीन अहमद खान ने सेंटर में दवा न होने से इनकार किया। उन्होंने कहा, सेंटर में नेशनल एड्स कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (नाको) से दवा आती है। वहां दवा नहीं होगी तो सेंटर में भी उपलब्ध नहीं हो पाएगी।

एआरटी सेंटर की स्थिति

रजिस्टर्ड मरीजों की संख्या

इलाजरत मरीजों की संख्या

सेंटर से रोज दवा लेने वाले मरीज

एड्स कंट्रोल कमेटी के अफसर ने जताई नाराजगी

कहा : सेंटर की जानकारी देने वाले डॉ. निर्मल कौन होते हैं

प्रभारी अधीक्षक डॉ. नकुल चौधरी ने कहा, एआरटी सेंटर से जुड़े अस्पताल के पूर्व एचओडी डॉ. निर्मल ने बताया कि सेंटर में दवा नहीं है। इसकी जानकारी असिस्टेंट प्रोजेक्ट डायरेक्टर को दी गई। इधर, झारखंड एड्स कंट्रोल कमेटी के वरीय अधिकारी डॉ. मतीन अहमद खान ने कहा, सेंटर की जानकारी देने वाले डॉ. निर्मल कौन होते हैं? वे अस्पताल के पूर्व एचओडी हैं। सेंटर में पर्याप्त मात्रा में दवा है। उन्होंने छह महीने की दवा की डिमांड की है। यह गलत है। नाको किसी भी सेंटर को छह महीने का स्टाॅक नहीं देता है। सेंटर की जवाबदेही मेरी है। यहां की गोपनीयता भंग करने वालों पर तत्काल कार्रवाई होगी।

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