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बिना सूचना के 4 घंटे तो कहीं 6 घंटे बिजली कटौती, 1.50 लाख उपभोक्ता गर्मी में बेहाल

3 वर्ष पहले
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मानगो में पारडीह कालीमंदिर सब स्टेशन से जुड़े इलाके सबसे अधिक प्रभावित

डीबी स्टार जमशेदपुर

झारखंड राज्य बिजली बोर्ड के कमांड क्षेत्रों में अभी बिजली आपूर्ति लगभग सामान्य है। यहां डिमांड की 75-80 फीसदी बिजली की आपूर्ति हो रही है। फिर भी मानगो, जुगसलाई, छोटा गोविंदपुर, करनडीह, परसुडीह, बागबेड़ा व सुंदरनगर समेत कई क्षेत्रों में दिनभर में 18-20 घंटे ही आपूर्ति हो रही है। पीक ऑवर में अलग-अलग क्षेत्रों में कहीं 4 घंटे तो कहीं 6 घंटे कटौती की जा रही है। बोर्ड के लगभग 1.50 लाख उपभोक्ता इस अघोषित बिजली कटौती से परेशान हैं। दूसरी ओर, बोर्ड के अभियंताओं का दावा है- आपातकालीन स्थिति में ही लोड शेडिंग की जाती है, मसलन आंधी-बारिश या बिजली संकट गहराने की स्थिति में। मगर यहां ठीक उल्टा हो रहा है। बिजली मिलने पर भी कटौती की जा रही है। इस अघोषित बिजली कटौती से लोगों की दिनचर्या पर असर पड़ रहा है। घर-घर होने वाले जलापूर्ति भी इससे अछूती नहीं है। गर्मी के मौसम में लोगों को पेयजल की जुगाड़ में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।

सोमवार को बोर्ड के कमांड क्षेत्र मानगो, जुगसलाई, बिरसानगर, बागबेड़ा, कीताडीह, हरहरगुट्टू, करनडीह, परसुडीह, छोटा गोविंदपुर, मनीफीट, खड़ंगाझार, शास्त्रीनगर, सोनारी समेत कई इलाकों में कहीं आधे-आधे घंटे के लिए चार बार बिजली कटी तो कहीं एक-एक घंटे तक कटौती की गई। इधर, गैर कंपनी क्षेत्रों में अभी सबसे अधिक बिजली की अघोषित कटौती मानगो के पारडीह, जवाहरनगर, चाणक्यपुरी व आसपास के क्षेत्रों में हो रही है। इन इलाकों में दिनभर में 16-18 घंटे ही बिजली आपूर्ति हो रही है। ये क्षेत्र कालीमंदिर सब स्टेशन से जुड़े हैं, जहां काफी पुराने उपकरण लगे हैं। यह सब स्टेशन मानीकुई ग्रिड से जुड़ा है।

झारखंड राज्य बिजली बोर्ड के कार्यपालक व सहायक अभियंता का दावा- अभी नहीं कट रही बिजली, आपातकालीन स्थिति में ही लोड शेडिंग

मानगो में 6 घंटे की अघोषित कटौती, बिरसानगर-जुगसलाई में सबसे कटौती

किस क्षेत्र में कितनी अघोषित कटौती

मानगो

तीन बार एक-एक घंटे

जुगसलाई

तीन बार 30-30 मिनट

कदमा

आपातकालीन स्थिति में लोड शेडिंग शिड्यूल

मानगो

6 घंटे एक-एक घंटे करके छह बार

गोविंदपुर

4 घंटे एक-एक घंटे करके चार बार

कदमा-सोनारी

 बिजली कब रहेगी और कब चली जाएगी, कहा नहीं जा सकता है। एक घंटे तक बिजली बंद कर दिया जाता है, हल्की हवा व बारिश होने पर भी बिजली घंटों गुल रहती है। लोड शेडिंग ऐसी की उसका कोई शिड्यूल नहीं है, मन किया तो बिजली बंद कर दी।  गौरव खंडेलवाल, जुगसलाई

बिरसानगर

तीन बार 30-30 मिनट

बागबेड़ा

दो बार 30-30 मिनट

4 बार 30-30 मिनट

जुगसलाई

3 घंटे एक-एक घंटे करके तीन बार

बिरसानगर

3 घंटे एक-एक घंटे करके तीन बार

3 घंटे (एक-एक घंटे करके दो से तीन बार)

कई इलाकों में ओवरलोड की समस्या से कटौती : ईई

बिजली बोर्ड के जमशेदपुर प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता पीके विश्वकर्मा ने दावा किया है- रविवार को बिजली की कमी थी। सोमवार को मानगो में बिजली आपूर्ति में सुधार हुआ। मानगो, जुगसलाई समेत अन्य क्षेत्रों में दिनभर में लोड शेडिंग नहीं की गई है। कार्यपालक अभियंता के अनुसार, लोड शेडिंग विषम परिस्थिति में की जाती है। इसका कोई शिड्यूल निर्धारित नहीं रहता है। यह तब होता है जब सेंट्रल पुल से बिजली की कमी होने को लेकर अलर्ट किया जाता है। वैसे पीक ऑवर में बिजली उपकरणों मसलन एसी-कूलर, फ्रीज व बल्ब का अधिक उपयोग होता है तो एक घंटे से दो घंटे तक अलग-अलग इलाकों में कटौती होती है। यह सब स्टेशन व ट्रांसफॉर्मर के ओवरलोड होने के कारण होता है।

 बागबेड़ा में बिजली आपूर्ति में लोड शेडिंग के नाम पर घंटों बिजली बंद कर दिया जाता है। अभियंता से पूछने पर लोड शेडिंग बताया जाता है। अब तो रात में भी अचानक बिजली गुल हो रही है। जबकि रिहायशी क्षेत्र में रात में नियमित बिजली सुबह 6 बजे तक मिलनी चाहिए। कलावती देवी, बागबेड़ा

 गर्मी में कभी बिजली की कमी, तो कभी आंधी व बारिश में 6 से 12 घंटे तक क्षेत्र अंधेरे में डूब जाता है। अभी लोड शेडिंग का तो बहाना बनाकर ऐसी बिजली काटी जाती है, दिनभर बिना बिजली के घरों में रहना पड़ता है। शाम में बच्चों की पढ़ाई भी बाधित होती है। संजय कुमार, बागबेड़ा

 सुंदरनगर में बिजली चार से पांच घंटे तक काटी जाती है। इसमें कोई सुधार नहीं हो रहा है। अभियंता का एक ही रटा हुआ जवाब रहता है कि ग्रिड से कम बिजली मिल रही है। जब ग्रिड से संपर्क करते है तो सप्लाई वालों की कमी बताई जाती है।  संजय गोप, सुंदरनगर

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