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31 मई तक 11 हजार शौचालय का टारगेट, अब तक 6 हजार बने, आधे से ज्यादा को बना दिया स्टोर रूम

3 वर्ष पहले
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डीबी स्टार जमशेदपुर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान के ड्रिम प्रोजेक्ट की जमशेदपुर ब्लॉक में धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। शौचालय बनाने का लक्ष्य तो पूरी नहीं हो रहा तो दूसरी ओर जहां शौचालय बनाए गए वह भी अद्धनिर्मित। इस कारण लोग अभी भी खुले में शौच करने को मजबूर हैं। कमिशन के खेल में आनन-फानन में जनप्रतिनिधियों से मिलीभगत कर सरकारी राशि का बंदरबांट किया जा रहा है। शौचालय निर्माण में ऐसी अनियमितता सामने आ रही है कि लोग उसका उपयोग नहीं कर पाते। कहीं दरवाजा नहीं है तो कहीं छत। सिवरेज लाइन भी अधूरी छोड़ दी गई है। स्थानीय जनप्रितिनिधि से लेकर ब्लॉक के संबंधित अधिकारी इससे अंजान नहीं है। शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की जाती। जांच के नाम पर लीपापोती का खेल ब्लॉक में किया जा रहा है। लोगों की शिकायत पर डीबी स्टार ने पूर्वी कीताडीह व दक्षिणी बागबेड़ा पंचायत में बने शौचालय की जांच की गई तो सरकारी राशि के दुरुपयोग की कहानी खुद शौचालय बयां कर रहे हैं। लोगों का कहना है शिकायत के बाद कार्रवाई नहीं होती। संबंधित अधिकारियों के मुताबिक 31 मई तक जमशेदपुर ब्लॉक अंतर्गत 55 पंचायतों में 11 हजार शौचालय बनाने का लक्ष्य है। इतने कम समय में शौचालय निर्माण का टारगेट पूरा करना चुनौती होगी। इससे पूर्व साढ़े छह हजार शौचालय बनाने का दावा अधिकारी कर चुके हैं।

अधिकारियों की लापरवाही से उड़ रही धज्जियां, लाभुक खुले में शौच करने को मजबूर

दक्षिणी बागबेड़ा व पूर्वी व पश्चिमी कीताडीह पंचायत का हाल

डीबी स्टार जमशेदपुर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान के ड्रिम प्रोजेक्ट की जमशेदपुर ब्लॉक में धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। शौचालय बनाने का लक्ष्य तो पूरी नहीं हो रहा तो दूसरी ओर जहां शौचालय बनाए गए वह भी अद्धनिर्मित। इस कारण लोग अभी भी खुले में शौच करने को मजबूर हैं। कमिशन के खेल में आनन-फानन में जनप्रतिनिधियों से मिलीभगत कर सरकारी राशि का बंदरबांट किया जा रहा है। शौचालय निर्माण में ऐसी अनियमितता सामने आ रही है कि लोग उसका उपयोग नहीं कर पाते। कहीं दरवाजा नहीं है तो कहीं छत। सिवरेज लाइन भी अधूरी छोड़ दी गई है। स्थानीय जनप्रितिनिधि से लेकर ब्लॉक के संबंधित अधिकारी इससे अंजान नहीं है। शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की जाती। जांच के नाम पर लीपापोती का खेल ब्लॉक में किया जा रहा है। लोगों की शिकायत पर डीबी स्टार ने पूर्वी कीताडीह व दक्षिणी बागबेड़ा पंचायत में बने शौचालय की जांच की गई तो सरकारी राशि के दुरुपयोग की कहानी खुद शौचालय बयां कर रहे हैं। लोगों का कहना है शिकायत के बाद कार्रवाई नहीं होती। संबंधित अधिकारियों के मुताबिक 31 मई तक जमशेदपुर ब्लॉक अंतर्गत 55 पंचायतों में 11 हजार शौचालय बनाने का लक्ष्य है। इतने कम समय में शौचालय निर्माण का टारगेट पूरा करना चुनौती होगी। इससे पूर्व साढ़े छह हजार शौचालय बनाने का दावा अधिकारी कर चुके हैं।

शौचालय को स्टोर रूम बना दिया।

दक्षिणी बागबेड़ा पंचायत में दर्जनों शौचालय निर्माण किए गए हैं। लेकिन इसका उपयोग नहीं। सभी स्टोर रुम बनाकर छोड़ दिए गए हैं। कहीं दरवाजे नहीं है तो कहीं छत। सीवरेज लाइन इस तरह बनाई गई कि गंदगी भरी होती है। दक्षिण बागबेड़ा पंचायत में बने शौचालय में व्यापक पैमाने पर अनियमितता बरती गई है। शिकायत पंचायत के ही वार्ड सदस्यों ने डीसी से की थी। जांच रिपोर्ट में प्रथम दृष्टय: पेयजल व स्वच्छता विभाग के अभियंताओं पर मुखिया पहाड़ सिंह को दोषी पाया गया था।

जांच के नाम पर होती है लीपापोती

शौचालय निर्माण के लिए 12 हजार सरकारी राशि आवंटित की जाती है। यह राशि सीधे लाभुकों को देनी है। लेकिन लोगों की शिकायत है मुखिया से लेकर ठेकेदार राशि खुद उपयोग करते हैं। अधिकारियों का कहना है पहले जलसैय्या के खाते में राशि जाती थी। अब महिला समिति को राशि दी जाती है। दूसरी ओर शौचालय निर्माण का कार्य बाहरी ठेकेदारों को दिया जा रहा है।

 31 मई तक पांच हजार शौचालय निर्माण किए जाने है। शौचालय निर्माण की राशि अब महिला समिति को दी जाती है। लाभुक भी ले सकते हैं।  सुमी मार्डी, ब्लॉक कार्डिनेटर

 पंचायत में इस तरह की कोई भी मामले में अनियमितता नहीं होनी चाहिए। यह गंभीर मामला है। शीघ्र ही दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करेंगे।  बी महेश्वरी, डीडीसी

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