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आवास बोर्ड से 7 साल पहले हुआ एग्रीमेंट, आवंटियों ने बोर्ड के पास जमा किए लाखों रुपए, लेकिन नहीं मिली जमीन

3 वर्ष पहले
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डीबी स्टार जमशेदपुर

आदित्यपुर में हाउसिंग बोर्ड ने सात साल पहले 65 लोगाें को कागज पर जमीन का टुकड़ा आवंटित किया था। आवंटियों ने जमीन के लिए आवास बोर्ड के खाते में लाखों रुपए जमा कर दिए। इसमें अलग-अलग कैटेगरी अल्प आय, एमआईजी, एलआईजी श्रेणी के लिए अलग-अलग रकम जमा किए गए हैं। लेकिन सात साल बाद भी जमीन नहीं मिली है। आवंटी सात साल से लगातार बोर्ड के जमशेदपुर प्रमंडल कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं। आवंटियों का कहना है कि 2011 में आवास बोर्ड के तत्कालीन एमडी विनय कुमार चौबे की मौजूदगी में बिष्टुपुर स्थित राम मंदिर सभागार में लॉटरी के जरिए भूखंड का आवंटन किया गया था। आवंटन के बाद जमीन पर दखल कब्जा दिलाने के लिए आवास बोर्ड ने सवा लाख रुपए जमा लिए।

सरायकेला खरसावां जिला निबंधन कार्यालय में जमीन के एग्रीमेंट का निबंधन तक कराया। बावजूद आज तक जमीन नहीं मिली है। इधर, आवास बोर्ड का तर्क है कि आवंटन प्रक्रिया सरकार के निर्देश के तहत हुआ था। लेकिन जमीन पर अवैध बस्तियां पहले से बसी हुई थीं। आवास बोर्ड आवंटियों को जमीन पर दखल कब्जा दिलाने का कई बार प्रयास किया। लेकिन लोगों ने अतिक्रमण हटाओ अभियान का विरोध किया। इस पर आवास बोर्ड अभी अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ सरायकेला एसडीओ कोर्ट में बोर्ड की जमीन पर अतिक्रमण कर मकान बनाने का केस दर्ज किया है और तोड़ने के मामले में सुनवाई चल रही है। पूर्व कार्यपालक अभियंता विनोद कुमार ने कहा कि नियम से ही आवंटन हुआ था। जहां तक जमीन को बदलने का सवाल है तो यह तो निर्णय सरकार यानि बोर्ड मुख्यालय को लेना है, जो कार्यपालक अभियंता के पास नहीं है।

दूसरी निर्विवादित जमीन मिले, नहीं तो बैंक ब्याज के दर से रकम लौटाए

एलआईजी प्लॉट की आवंटी शाेभा कुमारी का कहना है कि सात साल में जमीन नहीं मिली तो अब आशा छोड़ चुके हैं कि सरकार कोई जमीन देगी। सरकार को जमीन देनी होती तो कब का दे दे दी। आवास बोर्ड अवैध कब्जा वाले जमीन का आवंटन कर पैसा कमाई की है। यदि बोर्ड को जनता के पैसे की चिंता होती तो आवास बोर्ड कोई दूसरा प्लॉट देता। हमलोगों का पैसा लगभग पौने दो लाख रुपए आवास बोर्ड के पास जमा है। जिसका सात साल में बैंक ब्याज कौन देगा। जमीन नहीं मिली तो आवास बोर्ड को सूद समेत पैसा भी वापस करना चाहिए।

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पैसा लेकर आवंटियों को दे दिया अतिक्रमित भूखंड

आवास बोर्ड के आवंटियों काे इस बात का दर्द है कि पैसा देने के बाद भी जमीन नहीं दी जा रही है। आवंटियों का कहना है कि उन्हें आवास बोर्ड ने 2011 में ऐसे भूखंड का आवंटन किया है, जो आवास बोर्ड के कब्जे में नहीं था, बल्कि भूखंड पर वर्षों से बस्तियां बसी हुई थीं। जिसका प्लॉट काटकर आवास बोर्ड ने कागज पर आवंटन किया है। आवास बोर्ड को जमीन पर 20 साल से अवैध कब्जा कर लोग बसे हुए थे। ऐसे भूखंड का आवंटन कर लोगों को परेशानी में डाल दिया है। जबकि आवास बोर्ड के कर्मचारियों ने सेटिंग गेटिंग कर रांची मुख्यालय से नया प्लॉट आवंटन करा लिया। जबकि आम आवंटियों को किसी प्रकार का प्लाॅट नहीं दिया जा रहा है। इसमें मंत्री सीपी सिंह का कहना है कि आवास बोर्ड में उस वक्त आवंटन में गड़बड़ी की शिकायत मिली थी। जमीन आवंटियों के साथ सरकार है।

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