टाटानगर रेलवे स्टेशन के पुराने टूटे पुल से नीचे गिर कर घायल बाबूलाल भारती की स्थिति सुधर रही है। एमजीएम में इलाज चल रहा है। उसकी स्थिति में सुधार है। इधर, इस घटना से रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग व प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है। इस घटना को वरीय अधिकारियों ने गंभीरता से लिया है और कार्रवाई करने की बात कही है।
एक अधिकारी ने बताया सीकेपी मंडल में इस मामले को लेकर सुरक्षा से खिलवाड़ मानते हुए जांच करने का आदेश दिया है। पुराने ब्रिज पर कोई अंजान व्यक्ति कैसे प्रवेश कर गया। ब्रिज के आने वाले रास्ते को क्यों ब्लाॅक नहीं किया गया था, इसको लेकर जांच की जाएगी। मालूम हो कि पुराने ब्रिज को हटाने के लिए पूर्व में टेंडर निकाला गया था। शहर के बाहर के किसी संवेदक ने काम लिया था, लेकिन टेंडर क्यों रद्द हो गया यह बात सामने नहीं आई। इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारियों ने बताया ब्रिज को हटाने के लिए फिर से टेंडर निकाला जाएगा। मालूम हो कि पुराना ब्रिज सेकेंड इंट्री बिल्डिंग के ठीक बगल से प्लेटफॉर्म नंबर एक की ओर है। ब्रिज के स्लैब, स्लीपर को आधे दूर तक खोल लिया गया है। प्लेटफॉर्म नंबर एक की ओर से निचला उसका बेस (रोड वाले हिस्से को) को तोड़ दिया गया है, लेकिन सेकेंड इंट्री की ओर से अब भी कुछ दूरी तक रोड है। ऐसे में सेकेंड इंट्री से टिकट लेकर आने वाले यात्रियों को कई बार कंफ्यूजन हो जाती है। इसकी का नतीजा है कि बुधवार को यात्री स्टेशन आने के लिए आगे बढ़ा और अंधेरे में आगे उसको नीचला हिस्सा नहीं होने का अंदाजा नहीं लगा और सीधे नीचे गिर गया। यह रेलवे का बड़ी लापरवाही का नतीजा है।
अंधेरे में नहीं दिखता है पुल पर लगाया गया चेतावनी बोर्ड
टाटानगर रेलवे स्टेशन का पुराना ब्रिज
सिटी रिपोर्टर | जमशेदपुर
टाटानगर रेलवे स्टेशन के पुराने टूटे पुल से नीचे गिर कर घायल बाबूलाल भारती की स्थिति सुधर रही है। एमजीएम में इलाज चल रहा है। उसकी स्थिति में सुधार है। इधर, इस घटना से रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग व प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है। इस घटना को वरीय अधिकारियों ने गंभीरता से लिया है और कार्रवाई करने की बात कही है।
एक अधिकारी ने बताया सीकेपी मंडल में इस मामले को लेकर सुरक्षा से खिलवाड़ मानते हुए जांच करने का आदेश दिया है। पुराने ब्रिज पर कोई अंजान व्यक्ति कैसे प्रवेश कर गया। ब्रिज के आने वाले रास्ते को क्यों ब्लाॅक नहीं किया गया था, इसको लेकर जांच की जाएगी। मालूम हो कि पुराने ब्रिज को हटाने के लिए पूर्व में टेंडर निकाला गया था। शहर के बाहर के किसी संवेदक ने काम लिया था, लेकिन टेंडर क्यों रद्द हो गया यह बात सामने नहीं आई। इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारियों ने बताया ब्रिज को हटाने के लिए फिर से टेंडर निकाला जाएगा। मालूम हो कि पुराना ब्रिज सेकेंड इंट्री बिल्डिंग के ठीक बगल से प्लेटफॉर्म नंबर एक की ओर है। ब्रिज के स्लैब, स्लीपर को आधे दूर तक खोल लिया गया है। प्लेटफॉर्म नंबर एक की ओर से निचला उसका बेस (रोड वाले हिस्से को) को तोड़ दिया गया है, लेकिन सेकेंड इंट्री की ओर से अब भी कुछ दूरी तक रोड है। ऐसे में सेकेंड इंट्री से टिकट लेकर आने वाले यात्रियों को कई बार कंफ्यूजन हो जाती है। इसकी का नतीजा है कि बुधवार को यात्री स्टेशन आने के लिए आगे बढ़ा और अंधेरे में आगे उसको नीचला हिस्सा नहीं होने का अंदाजा नहीं लगा और सीधे नीचे गिर गया। यह रेलवे का बड़ी लापरवाही का नतीजा है।
विजिलेंस जांच से मचा हड़कंप, पिछले माह स्टॉफ पर हो चुकी है कार्रवाई
दक्षिण पूर्व रेलवे स्टेशन के टिकट काउंटर पर यात्रियों से होने वाली धोखाधड़ी और ठगी को लेकर गंभीर है। हर दूसरे दिन विजिलेंस विभाग के लोग अलग-अलग स्टेशन में धावा बोल रहे हैं। गुरुवार को टाटानगर स्टेशन में विजिलेंस की टीम पहुंची थी। टीम ने जांच किया, लेकिन कोई गड़बड़ी नहीं मिली। मालूम हो कि पिछले माह दक्षिण पूर्व रेलवे जोन के विजिलेंस की टीम ने कोलकाता के काली घाट बुकिंग काउंटर, रविंद्र सदन बुकिंग काउंटर, राउरकेला और गरबेटा बुकिंग काउंटर से पांच लोगों को टिकट में प्रिंट छेड़छाड़ कर ज्यादा पैसा लेने की शिकायत हुई थी।