सीजीपीसी चुनाव की वजह से सोनारी गुरुद्वारा इलेक्शन किया जा रहा लंबित
सोनारी गुरुद्वारा के प्रधान का चुनाव दिन प्रतिदिन लंबित होते जा रहा है। इसे लेकर विपक्ष में रोष है। विपक्ष का मानना है कि सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के चुनाव को देखा जा रहा है, ताकि उसमें 10 वोट अपने खेमे को देकर गत चुनाव की तरह मनमानी की जाए। बहरहाल, चुनाव में देरी का कारण वोटर लिस्ट में विवाद है। विपक्ष के 18 नामों को चुनाव कमेटी ने जोड़ दिया है, लेकिन विपक्ष की मांग है कि 32 मतदाता अवैध हैं। उनका नाम वोटरलिस्ट से हटाया जाए। इस पर चुनाव कमेटी व पक्ष के लोग अड़े हुए हैं। पक्ष के पदाधिकारियों का दावा है कि सभी का मासिक चंदा पूरा है और वे वोट देने के हकदार हैं। विपक्ष हार के डर से विवाद खड़ा कर रहा है।
क्या कहता है संविधान
सोनारी गुरुद्वारा के संविधान के मुताबिक 31 मार्च से पूर्व चुनाव होना चाहिए। उसके बाद 14 अप्रैल से नई कमेटी अपना चार्ज लेगी, लेकिन यहां संविधान के खिलाफ 16 दिन अधिक हो चुके हैं। वोटर लिस्ट की जिच को लेकर चुनाव लंबित होते जा रहा है। विपक्ष संतुष्ट होने तक चुनाव नहीं कराने पर अड़ा है तो पक्ष खेमा गुरु घर की सेवा में लगा है। गुरदयाल सिंह ने कहा कि वे चुनाव के लिए तैयार हैं।
चुनाव कमेटी संविधान के अनुसार कार्य कर रही है
विपक्ष के लोगों की मांग पर 18 नाम वोटर लिस्ट में जोड़ दिए गए हैं। अब वे चाहते हैं कि वोटर लिस्ट से कुछ नाम काटे जाएं। यह नियम के खिलाफ है। रही बात उनके पत्र की तो जेएनएसी की तरह इस पत्र से भी संगत को अवगत कराया गया है।
ये हैं उम्मीदवार : पक्ष के मंजीत सिंह और विपक्ष के तारा सिंह
चुनाव कमेटी : बलबीर सिंह, हरबंश सिंह, हरजीत सिंह, बलवंत सिंह, कृपाल सिंह सूरी, रवेल सिंह, अमरदीप सिंह, परमदीप सिंह।
सोनारी गुरुद्वारा की संगत को गुमराह कर रहे : तारा
सोनारी गुरुद्वारा की संगत को चुनाव कमेटी पक्ष के लोगों के साथ मिलकर गुमराह कर रही है। चुनाव कमेटी उनकी मांग को नोटिस बोर्ड पर चिपका रही है। उन्होंने इसकी शिकायत सीजीपीसी से की है। उनकी मांग जायज है कि चुनाव होने तक गुरुद्वारा में नई उसारी नहीं हो सकती।