आर रवि प्रसाद के नेतृत्व में फरवरी में चुनी गई टाटा वर्कर्स यूनियन की शनिवार को पहली कमेटी मीटिंग (कार्यकारिणी समिति की बैठक) हुई। एजेंडा में एनी अदर मैटर भी रखा गया। कमेटी मेंबरों को कंपनी, कर्मचारी और यूनियन से संबंधित मसलों को उठाने का मौका मिला। मेंबरों ने ऐसे मसले उठाए, जिसने यूनियन के शीर्ष नेतृत्व को असहज कर दिया। आर रवि प्रसाद ने कुछ का जवाब दिया तो कुछ मसले पर खामोश रह गए। यूनियन का निष्पक्ष और साफ सुथरा चुनाव कराने का दावा किया गया तो कोक प्लांट के आरएन मिश्रा ने कहा जब 40-50 निर्वाचन क्षेत्र के गठन में गड़बड़ी कर दी गई, 35 निर्विरोध कमेटी मेंबरों को चुन लिया गया तो और गड़बड़ी की जरूरत नहीं थी। उसके बाद सब साफ-सुथरा होना था, हुआ भी। मजदूर दिवस मनाने के लिए हाउस की सहमति के बगैर यूथ इंटक को 25 हजार रुपए देने पर भी आपत्ति की गई। माइकल जॉन व्याख्यान के आयोजन पर भी आपत्ति की गई। आर रवि प्रसाद ने कहा जैसे पहले निर्वाचन क्षेत्र बनता था, उसी तरह बनाया गया। इसमें कोई गलत मकसद नहीं था। कमेटी मीटिंग में फरवरी माह में यूनियन के आय व्यय की विवरणी की हाउस से संपुष्टि कराई गई। मीटिंग में महामंत्री सतीश सिंह, डिप्टी प्रेसिडेंट अरविंद पांडे, उपाध्यक्ष शहनवाज आलम, हरि शंकर सिंह, शत्रुघ्न राय, भगवान सिंह, सहायक सचिव धर्मेंद्र उपाध्याय, कमलेश सिंह, नीतेश राज एवं कोषाध्यक्ष प्रभात लाल भी थे।
यूनियन के सभी मेंबरों को संतुष्ट नहीं कर सकते : आर रवि प्रसाद
टाटा वर्कर्स यूनियन की बैठक में उपस्थित अध्यक्ष आर रवि प्रसाद व अन्य।
ब्रेन ट्यूमर की दवा का टीएमएच में आधा पैसा लिया गया : सरोज
ट्यूब डिवीजन के कमेटी मेंबर सरोज सिंह ने कहा टीएमएच में कर्मचारी ने ब्रेन ट्यूमर की दवा ली तो उसे 50 फीसदी राशि देनी पड़ी। कॉरपोरेट सर्विसेज उपाध्यक्ष के पास गए तो मालूम हुआ कि यूनियन के साथ एग्रीमेंट है। यूनियन के पास पैसा है। हमलोग 25-50 हजार किसी और को दे रहे हैं। बढ़िया होगा कि वह रकम कर्मचारी की दवा के लिए दी जाए।
आर रवि प्रसाद ने कहा जेडीसी समेत प्रबंधन व यूनियन की साझा समिति में जगह देने के मसले पर कुछ कमेटी मेंबर नाराज हैं। सभी मेंबरों को संतुष्ट नहीं किया जा सकता। कोशिश की गई कि सक्रिय कमेटी मेंबरों को जगह दी जाए। कमेटी मेंबरों की क्षमता का यूनियन पूरा उपयोग करेगी। वेज रिवीजन पर उन्होंने कहा टाटा स्टील में 4 साल के लिए यूनिफार्म ग्रेड स्ट्रक्चर बनाने के लिए कमेटी बनाई जाएगी। यह कमेटी वेज स्ट्रक्चर से जुड़े सभी मसले का अध्ययन करेगी।