टाटा स्टील समूह ने भूषण स्टील लिमिटेड के अधिग्रहण के तुरंत बाद अगला लक्ष्य निर्धारित कर दिया है। टाटा स्टील के सीईओ सह प्रबंध निदेशक टीवी नरेंद्रन ने भूषण स्टील लिमिटेड के अधिग्रहण में भारी निवेश का ख्याल रखते हुए ठोस एक्शन प्लान तैयार किया है, अधीनस्थ अधिकारियों को इसके लिए बाकायदा दिशा निर्देश दे दिया गया है।
भूषण स्टील की उत्पादन क्षमता 5.6 मिलियन टन (एमटी) स्टील उत्पादन की है। कंपनी की हालत बिगड़ने के कारण अभी तकरीबन साढ़े 3 मिलियन टन स्टील का उत्पादन हो रहा है। नरेंद्रन का लक्ष्य है, दो साल के भीतर भूषण स्टील में और 2 मिलियन टन स्टील का उत्पादन करना। अगर भूषण स्टील के सभी प्लांट अपनी शत-प्रतिशत क्षमता के तहत उत्पादन करते हैं तो टाटा स्टील के लिए ब्रिज लोन के 17 हजार करोड़ रुपए बैंकों को देना आसान होगा। भूषण स्टील के कोल्ड रोलिंग उत्पाद की मार्केट में डिमांड है। ट्यूब और कोटिंग स्टील में भी भूषण स्टील ने अपनी अलग पहचान बना ली है। अब भूषण स्टील के उत्पाद पर टाटा स्टील का नाम होगा। सीईओ सह प्रबंध निदेशक टीवी नरेंद्रन की निगाह फिलहाल उन अफसरों की ओर है जो नए हालात के साथ तेजी से सामंजस्य कायम करते हुए भूषण स्टील लिमिटेड को उसकी अधिकतम उत्पादन क्षमता की ओर ले जाए। भूषण स्टील लिमिटेड में वैसे अफसरों को चिन्हित करने का काम शुरू कर दिया गया है जो योग्य, अनुभवी और काम के प्रति समर्पित हो, जो तेजी से टाटा कल्चर में ढल सकें। टाटा स्टील प्रबंधन ने फैसला लिया है कि आनन-फानन में भूषण स्टील के अफसर को इधर से उधर नहीं किया जाएगा। टाटा स्टील कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन के चीफ कुलवीन सुरी ने कहा कि भूषण स्टील की उत्पादन क्षमता 5.6 मिलियन टन है। अभी लगभग साढ़े तीन एमटी का उत्पादन हो रहा है।
मानव संसाधन के लिए यह गौरतलब
1 भूषण स्टील लिमिटेड का साहिबाबाद, अंगुल और खोपोली में स्टील और पावर प्लांट है। अलग अलग विभाग है। टाटा स्टील का शीर्ष प्रबंधन चाहता है कि हरेक महत्वपूर्ण विभाग में कोई न कोई प्रभावी अफसर जरूर हो ।
2 टाटा समूह की पहचान विशेष वर्क कल्चर की है। भूषण स्टील के शीर्ष प्रबंधन की कार्यशैली अलग थी, टाटा स्टील समूह की अलग। शीर्ष प्रबंधन का लक्ष्य है कि भूषण स्टील के अफसर से कर्मचारी को तेजी से टाटा कल्चर में ढाला जाए।