जमशेदपुर | आदित्यपुर इंडस्ट्रियल एरिया के समर्थ इंजीनियरिंग कंपनी प्राइवेट लिमिटेड के घायल और असहाय मजदूरों को स्थायी नौकरी, मुआवजा और उनकी पिटाई के लिए दोषी ठेकेदार का लाइसेंस रद्द करने के लिए झारखंड श्रमिक महासभा ने श्रम एवं नियोजन विभाग के अधिकारियों को श्रमायुक्त के नाम ज्ञापन दिया। इसमें चेतावनी दी कि अगर मजदूरों को हक नहीं मिला तो समर्थ इंजीनियरिंग के मुख्य गेट पर उग्र आंदोलन किया जाएगा। झारखंड श्रमिक महासभा के अध्यक्ष राजीव पांडेय के नेतृत्व में सोमवार को उप श्रमायुक्त (डीएलसी) के कार्यालय में श्रमायुक्त के नाम ज्ञापन दिया गया। कांग्रेस नेता अरुण त्रिपाठी, मनन सिंह, अजय पांडेय, नीलेश तिवारी, शिवा पांडेय, रवि पांडेय, पुनीता चौधरी, नागमणि राजू, सीताराम चौधरी, बबलू मुंडा, दिनेश, कातिया भाई, मनोज करुआ, जिला महासचिव यूथ इंटक, गुरूपदो गोराई, आनंद कुमार, एम रामकुमार राव, विक्की पांडे, बादशाह समेत दर्जनों नेताओं ने श्रम विभाग के अधिकारियों से कहा कि नकुल कमानी डंडा के जोर पर कंपनी चलाना चाहते हैं। जरूरत पड़ेगी तो श्रम मंत्रालय तक यह मामला ले जाया जाएगा।