नशीली दवा का ओरल सेवन कर रहे युवा इसलिए उनमें एड्स फैलने का खतरा नहीं
एमजीएम मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ एसी अखौरी ने कहा- बावनगोड़ा में नशा सेवन से किसी को एड्स नहीं हुआ है। कोलकाता की संस्था द्वारा दो दिनों में सर्वे कर जो रिपोर्ट दी गई है उसमें स्पष्ट कहा गया है कि पिछले पांच साल से अधिक समय से नशा के लिए युवक इंजेक्शन के बजाय ओरल दवा लेते हैं।
शनिवार शाम उन्होंने बताया- रैपिड रिस्पांस टीम और झारखंड एड्स कंट्रोल सोसाइटी (जेसेक्स) की ओर से भेजी गई एनजीओ ने एचआईवी सर्च अभियान चलाया। तीन दिनों में 50 से अधिक क्षेत्रवासियों के रक्त के नमूनों का परीक्षण हुआ है, लेकिन अबतक एक भी नया एचआईवी मरीज सामने नहीं आया है। मौके पर डॉ मतीन अहमद खान समेत कई डॉक्टर मौजूद थे।