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सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज में इस साल भी शुरू नहीं होगी पढ़ाई, बिल्डिंग अधूरी

3 वर्ष पहले
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एजुकेशन रिपोर्टर | जमशेदपुर

शहरवासियों को सिदगोड़ा में खुलने वाले राज्य के दूसरे सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज के लिए एक साल इंतजार करना होगा। सिदगोड़ा स्थित बारा फ्लैट के पास बन रहे इस इंजीनियरिंग कॉलेज का काम अपने निर्धारित समय से करीब तीन महीने पीछे चल रहा है। पहले इस कॉलेज में इसी वर्ष से पढ़ाई शुरू कराने की योजना थी, लेकिन निर्माण में देरी के कारण सत्र 2019-20 से पढ़ाई शुरू करने की योजना बनाई जा रही है।

राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) झारखंड की ओर से करीब 26 करोड़ की लागत से इंजीनियरिंग कॉलेज का निर्माण कराया जा रहा है। इसे बनाने वाली संस्था झारखंड राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड है। रूसा ने भवन निर्माण का कार्य जुलाई-2018 में पूरा करने का लक्ष्य दिया था, लेकिन अब तक कॉलेज के ब्वॉयज हॉस्टल का निर्माण कार्य भी पूरा नहीं हो सका है। सबसे महत्वपूर्ण एकेडमिक भवन का अभी पिलर ही तैयार किया गया है। ऐसे में रूसा के अधिकारियों को अब तय समय पर निर्माण कार्य पूरा होने में संदेह है। वे संबंधित एजेंसी को कुछ और समय देने की बात कह रहे हैं। मालूम हो कि यह सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज मुख्यमंत्री रघुवर दास का ड्रीम प्रोजेक्ट है। इस पर सभी संबंधित पदाधिकारियों की नजर है। सरकार 2019 के विधानसभा चुनाव से पहले इस कॉलेज का उद्घाटन कर इसे अपनी बड़ी उपलब्धि में गिनाना चाहती है।

सिदगोड़ा में सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज का निर्माणाधीन भवन।

6 ट्रेड में होगी पढ़ाई

यहां इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, कंप्यूटर, मेकेनिकल सहित छह ट्रेडों की पढ़ाई होगी। प्रत्येक कोर्स में 120 सीटें रहेंगी। कर्मचारी व शिक्षकों की नियुक्ति के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। एनसीटीई की अनुमति के बाद पढ़ाई होगी।

100-100 बेड के दो हॉस्टल होंगे

यहां प्रथम चरण में ब्वॉयज हॉस्टल का निर्माण हो रहा है। इसका भवन बनकर तैयार है, लेकिन फिनिशिंग बाकी है। दूसरे चरण में लड़कियों के लिए हॉस्टल का निर्माण होना है। दोनों हॉस्टल में 100-100 बेड होंगे।

एजेंसी को जुलाई तक इंजीनियरिंग कॉलेज का निर्माण पूरा कर हैंडओवर करने को कहा गया है। एजेंसी द्वारा समय पर काम पूरा करने का आश्वासन दिया गया है। अगर ऐसा नहीं हुआ तो अगले साल से पढ़ाई शुरू होगी। डॉ. शंभू दयाल सिंह, नोडल पदाधिकारी, रूसा

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