मानगो में जलमीनार के लिए वन विभाग एक एकड़ जमीन देने को तैयार, लेकिन जाने का रास्ता नहीं
मानगो जलापूर्ति योजना के दूसरे चरण में वन भूमि क्षेत्र में एक एकड़ भूखंड पर जलमीनार व बिजली फीडर का निर्माण होगा। इसके लिए वन विभाग, पेयजल विभाग और मानगो अक्षेस के पदाधिकारियों के बीच वार्ता चल रही है।
मानगो अक्षेस के एसओ राजेंद्र प्रसाद गुप्ता ने बताया- बिहार-झारखंड में सामान्य तौर पर अभी तक दो लाख व डेढ़ लाख गैलन क्षमता वाली पानी टंकी बनी है। लेकिन मानगो में वन भूमि पर पांच लाख गैलन क्षमता की पानी टंकी बनेगी। वन विभाग जलमीनार निर्माण के लिए एनओसी देने को राजी है। लेकिन जलमीनार तक पहुंचने के लिए रास्ता खोजने का प्रयास चल रहा है। इसके लिए मानगो अक्षेस ने क्षेत्र के विधायक सरयू राय से चयनित एक एकड़ भूमि तक रास्ता की कमी को दूर करने के लिए पहल करने की अपील की है। मंत्री जल्द ही मानगो अक्षेस, पेयजल व स्वच्छता विभाग और वन विभाग के अधिकारियों की बैठक बुलाएंगे।
योजना एक नजर में
लागत
38 करोड़
लक्ष्य
2018 तक
स्थिति : अभी टेंडर ही निकला है। जमीन का हस्तांतरण वन विभाग से होने के बाद काम शुरू होगा।
सिटी रिपोर्टर | जमशेदपुर
मानगो जलापूर्ति योजना के दूसरे चरण में वन भूमि क्षेत्र में एक एकड़ भूखंड पर जलमीनार व बिजली फीडर का निर्माण होगा। इसके लिए वन विभाग, पेयजल विभाग और मानगो अक्षेस के पदाधिकारियों के बीच वार्ता चल रही है।
मानगो अक्षेस के एसओ राजेंद्र प्रसाद गुप्ता ने बताया- बिहार-झारखंड में सामान्य तौर पर अभी तक दो लाख व डेढ़ लाख गैलन क्षमता वाली पानी टंकी बनी है। लेकिन मानगो में वन भूमि पर पांच लाख गैलन क्षमता की पानी टंकी बनेगी। वन विभाग जलमीनार निर्माण के लिए एनओसी देने को राजी है। लेकिन जलमीनार तक पहुंचने के लिए रास्ता खोजने का प्रयास चल रहा है। इसके लिए मानगो अक्षेस ने क्षेत्र के विधायक सरयू राय से चयनित एक एकड़ भूमि तक रास्ता की कमी को दूर करने के लिए पहल करने की अपील की है। मंत्री जल्द ही मानगो अक्षेस, पेयजल व स्वच्छता विभाग और वन विभाग के अधिकारियों की बैठक बुलाएंगे।