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अब ड्राइविंग लाइसेंस के फॉर्म में होगी ऑर्गन डोनर की घोषणा, सड़क दुर्घटना में मौत होने पर कराया जाएगा अंगदान

3 वर्ष पहले
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डीबी स्टार जमशेदपुर

अंगदान को बढ़ावा देने के लिए जिला परिवहन विभाग नई पहल करने जा रहा है। इसके तहत ड्राइविंग लाइसेंस बनवाते वक्त अंगदान के इच्छुक लोगों से एक फॉर्म भरवाया जाएगा और उनके लाइसेंस कार्ड पर लिखा होगा कि ‘मैं अंगदाता हूं।’ ऐसा लिखे जाने से दुर्घटना की स्थिति में आसानी से और समय रहते उसका अंगदान करवाया जा सकेगा। इस संबंध में केंद्र सरकार की मिनिस्ट्री ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाइवे ने फैसला किया है। इसके अनुसार जमशेदपुर समेत देशभर में अब लाइसेंस के लिए आवेदन करने के दौरान आवेदक से अंग और ऊतक दान के लिए घोषणा पत्र भरवाकर सहमति ली जाएगी। हालांकि इसके लिए जो राजी नहीं होंगे, उनके लिए ‘नहीं’ का विकल्प भी रहेगा। सड़क दुर्घटना में किसी लाइसेंसधारक की मौत हो जाएगी तो सहमति वाले आवेदक से बिना उसके परिजन की अनुमति लिए मृतक के अंग का उपयोग किसी जरूरतमंद के लिए किया जाएगा। आसानी से अंगदान की प्रक्रिया को पूरा करने का लिए यह फैसला लिया गया है। परिवहन विभाग यह जानकारी स्वास्थ्य विभाग के साथ भी साझा करेगा। झारखंड में ड्राइविंग लाइसेंस का ऑनलाइन आवेदन देने का प्रावधान है। आवेदन फॉर्म में ‘ऑर्गन डोनर’ से संबंधित कॉलम को जोड़ा जाएगा।

ड्राइविंग लाइसेंस बनवाते वक्त अंगदान के इच्छुक लोगों से एक फॉर्म भरवाया जाएगा और उनके लाइसेंस कार्ड पर लिखा होगा कि

‘मैं अंगदाता हूं।’

आधार कार्ड से जोड़ा जाएगा ड्राइविंग लाइसेंस

इस योजना को कारगर तरीके से लागू करने व अंगदाता का रिकॉर्ड रखने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस से आधार कार्ड को जोड़ा जाएगा। देश के किसी भी स्थान पर अगर अंगदाता की सड़क दुर्घटना में मौत होती है और निधन के बाद पुलिस को उनके पास से ‘ऑर्गन डोनर’ लिखा हुआ ड्राइविंग लाइसेंस मिलता है तो संबंधित थाने की पुलिस स्वास्थ्य विभाग को तत्काल इसकी जानकारी देगा और जरूरतमंद को अंग उपलब्ध कराया जाएगा। इसमें मृतक के परिजन कोई आपत्ति नहीं जता पाएंगे।

यह भी जानें : एक रिपोर्ट के अनुसार मुख्य क्रियाशील अंग के खराब होने से जमशेदपुर समेत भारत में हर साल पांच लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो जाती है। किडनी की औसतन वार्षिक मांग दो लाख है, जबकि उपलब्धता छह हजार की ही है। दिल की मांग 50 हजार के सापेक्ष 15 हजार ही उपलब्ध है।

 पिछले दिनों दिल्ली में मिनिस्ट्री आफ रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाइवे की बैठक में इस व्यवस्था को लागू करने पर विस्तार से चर्चा हुई थी। इस व्यवस्था को लागू करने के लिए झारखंड परिवहन विभाग भी तैयारी कर रहा है। ‘ऑर्गन डोनर’ व्यवस्था के लागू होने से जरूरतमंदों को लाभ होगा।  राहुल शर्मा, सचिव, परिवहन विभाग , झारखंड सरकार

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