प्रधान पद के उम्मीदवार हरमिन्दर सिंह मिंदी ने दर्ज प्राथमिकी में बताया 16 मई की शाम 8 बजे चुनाव संयोजक दलजीत सिंह ने वोटर लिस्ट देने के लिए बुलाया था। कार्यालय पहुंचा तो वहां दलजीत सिंह के अलावा गुरमुख सिंह मुखे, महेन्दर सिंह समेत उनके सहयोगी बैठे थे। संयोजक ने नई वोटर लिस्ट दी, जिसमें नियम के विपरीत नाम जोड़े गए थे। सुरजीत सिंह के कमरे में घुसते ही महेन्दर सिंह और दलजीत सिंह भड़क गए। धक्का-मुक्की कर उन्हें बाहर निकाल दिया। साकची थाना प्रभारी भी मौजूद थे। संयोजक ने वोटर लिस्ट की बिना जांच किए ही हस्ताक्षर कर वापस करने को कहा। विरोध किया तो महेन्दर सिंह ने मुक्का से छाती पर प्रहार किया। दलजीत सिंह हाथ पकड़ कर वोटर लिस्ट पर जबरन हस्ताक्षर कराने लगे। गुरमुख सिंह मुखे ने गला जोर से दबा दिया। थाना प्रभारी ने हाथ से वोटर लिस्ट छीन लिया और मुझे कमरे से बाहर निकाल दिया। एसपी, डीएसपी, एसडीओ पहुंचे, तो साकची थाना प्रभारी ने एसडीओ को वोटर लिस्ट सौंपा।
सीजीपीसी
प्रधान प्रत्याशी हरमिंदर सिंह मिंदी का आरोप
साकची थाना प्रभारी की मौजूदगी में धक्का-मुक्की कर बाहर निकाला
मिंदी ने इनपर दर्ज कराया केस
हरमिंदर सिंह मिंदी ने गुरमुख सिंह मुखे, चुनाव संयोजक दलजीत सिंह और महिन्दर सिंह के खिलाफ धारा 341, 323, 504, 506, 34 आईपीसी के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई है।
जब तक वोटर लिस्ट पर सहमति नहीं बनेगी, चुनाव नहीं होगा: प्रशासन
जब तक वोटर लिस्ट पर सहमति नहीं बनेगी, चुनाव नहीं होगा: प्रशासन
जमशेदपुर सीजीपीसी की मतदाता सूची पर दोनों गुटों के बीच आपसी सहमति बनने के बाद ही प्रशासन चुनाव कराने की अनुमति देगा। मतदाता सूची को लेकर चल रहे विवाद के बाद प्रशासन ने यह तय किया है। सीजीपीसी में मतदान करने वालों में 31 गुरुद्वारा सहित तीन संस्थान हैं। इनमें से तीन-चार गुरुद्वारा को छोड़कर अन्य सभी गुरुद्वारा की सूची में विवाद है। विवादित सूची को लेकर सीजीपीसी के साथ गुरुद्वारा समिति का अलग-अलग गुट प्रशासन के समक्ष शिकायत कर रहा है। अनुमंडल में पदस्थ एक कार्यपालक दंडाधिकारी का कहना था कि अगर गुरुद्वारा की सूची के विवाद को सुलाझाने का प्रयास प्रशासनिक स्तर पर किया जाता है तो कम से कम तीन माह का समय लगेगा। प्रशासन ने तय किया कि सीजीपीसी के संयोजक दलजीत सिंह और अध्यक्ष पद के प्रत्याशी मुखे व मिंदी संयुक्त रूप से हस्ताक्षर कर मतदाता सूची अगर प्रशासन को उपलब्ध कराते हैं तो चुनाव कराने की अनुमति प्रशासन देगा।
जमशेदपुर सीजीपीसी की मतदाता सूची पर दोनों गुटों के बीच आपसी सहमति बनने के बाद ही प्रशासन चुनाव कराने की अनुमति देगा। मतदाता सूची को लेकर चल रहे विवाद के बाद प्रशासन ने यह तय किया है। सीजीपीसी में मतदान करने वालों में 31 गुरुद्वारा सहित तीन संस्थान हैं। इनमें से तीन-चार गुरुद्वारा को छोड़कर अन्य सभी गुरुद्वारा की सूची में विवाद है। विवादित सूची को लेकर सीजीपीसी के साथ गुरुद्वारा समिति का अलग-अलग गुट प्रशासन के समक्ष शिकायत कर रहा है। अनुमंडल में पदस्थ एक कार्यपालक दंडाधिकारी का कहना था कि अगर गुरुद्वारा की सूची के विवाद को सुलाझाने का प्रयास प्रशासनिक स्तर पर किया जाता है तो कम से कम तीन माह का समय लगेगा। प्रशासन ने तय किया कि सीजीपीसी के संयोजक दलजीत सिंह और अध्यक्ष पद के प्रत्याशी मुखे व मिंदी संयुक्त रूप से हस्ताक्षर कर मतदाता सूची अगर प्रशासन को उपलब्ध कराते हैं तो चुनाव कराने की अनुमति प्रशासन देगा।
मुखे और हरमिंदर ने एक-दूसरे पर दर्ज कराया केस, पुलिस ने समान धाराएं लगाई
जमशेदपुर | सीजीपीसी चुनाव में विवाद के बीच मारपीट होने पर प्रधान पद के दावेदार हरमिंदर सिंह मिंदी और गुरमुख सिंह मुखे ने एक-दूसरे के खिलाफ साकची थाना में मारपीट की प्राथमिकी दर्ज कराई है। सीजीपीसी के इतिहास में यह पहली बार है जब मामला थाने तक पहुंचा है।
मिंदी ने इन पर लगाया आरोप
1. मुखे ने जान मारने की नीयत से गला दबाया 2. महेन्दर ने छाती पर मुक्का मारा, 3. दलजीत सिंह वोटर लिस्ट पर जबरन हस्ताक्षर कराने का प्रयास किया
प्रधान प्रत्याशी गुरमुख सिंह मुखे का आरोप
मिंदी ने कॉलर पकड़कर गला दबाने की कोशिश की, राजू सिंह ने लात घूंसे से मारा
प्रधान पद के दावेदार गुरमुख सिंह मुखे ने साकची थाना में दर्ज करायी प्राथमिकी में बताया है 16 मई की शाम 6 बजे चुनाव कार्यालय पहुंचे। चुनाव की तिथि 20 मई को तय की गई। इसी बीच हरमिंदर सिंह मिंदी को वोटर लिस्ट मिलान के लिए एक व्यक्ति को बुलाने को कहा, तो हरमिंदर सिंह मिंदी, सुरजीत सिंह जबरन कार्यालय में घुस गए और संयोजक के साथ हाथापाई करने लगे। हरमिन्दर सिंह मिंदी, उनका भतीजा राजू सिंह, सतवीर सिंह सोमू व अन्य लोग मारपीट करने लगे। जैसे वे कमरे से बाहर निकले तो हरनेक सिंह अपने लाइसेंसी रिवाल्वर हाथ में लेकर खड़े थे। हरमिन्दर सिंह मिंदी ने मेरा कॉलर पकड़कर गला दबाने की कोशिश की। राजू सिंह ने लात घूंसे से मारना शुरू कर दिया। सतवीर सिंह सोमू अपने हाथ में लाइसेंसी रिवाल्वर लहरा रहा था। मिंदी ने खुलेआम कहा किसी को भी दो-चार लाख रुपए देकर मरवा देंगे। पूर्व में भी एसपी को लिखित सूचना देकर हत्या कराने की आशंका जताई है। इस घटना के साजिशकर्ता इंद्रजीत सिंह हैं।
मुखे ने इनपर दर्ज कराया केस
सुरजीत सिंह, हरमिंदर सिंह मिंदी, उनके भतीजे राजू सिंह, सतवीर सिंह सोमू, हरनेक सिंह, इंदरजीत सिंह के खिलाफ धारा 341, 323, 504, 506, 34 आईपीसी के तहत केस दर्ज।
कन्वेनर जिला प्रशासन के आदेश की कर रहे प्रतीक्षा
कन्वेनर जिला प्रशासन के आदेश की कर रहे प्रतीक्षा
कन्वेनर दलजीत सिंह दल्ली एंड पांच सदस्यीय टीम क्रमश: पूरण सिंह, हरदयाल सिंह, महेंद्र सिंह, अमरजीत सिंह, सोहण सिंह भी जिला प्रशासन के आदेश का इंतजार कर रहे हैं। इधर, साकची गुरुद्वारा के प्रधान हरविंदर सिंह मंटू ने कन्वेनर को सौंपी पदाधिकारियों की सूची में स्कूल महासचिव रवींद्र सिंह भाटिया, गुरुद्वारा के उपाध्यक्ष हरभजन सिंह पप्पू, सदस्य रंजीत सिंह अरोड़ा का नाम नहीं भेजे जाने की शिकायत एसडीओ को मिली है।
कन्वेनर दलजीत सिंह दल्ली एंड पांच सदस्यीय टीम क्रमश: पूरण सिंह, हरदयाल सिंह, महेंद्र सिंह, अमरजीत सिंह, सोहण सिंह भी जिला प्रशासन के आदेश का इंतजार कर रहे हैं। इधर, साकची गुरुद्वारा के प्रधान हरविंदर सिंह मंटू ने कन्वेनर को सौंपी पदाधिकारियों की सूची में स्कूल महासचिव रवींद्र सिंह भाटिया, गुरुद्वारा के उपाध्यक्ष हरभजन सिंह पप्पू, सदस्य रंजीत सिंह अरोड़ा का नाम नहीं भेजे जाने की शिकायत एसडीओ को मिली है।
मुखे ने इन पर लगाया आरोप
1. सुरजीत पर मारपीट 2. मिंदी ने कॉलर पकड़ा व गला दबाया 3. राजू सिंह ने मारा, 4. सतवीर सिंह ने रिवाल्वर लहराया 5. हरनेक सिंह रिवाल्वर थी 6. इंदरजीत सिंह घटना के साजिशकर्ता हैं।
धर्म परिवर्तन नहीं करूंगा, लीगल लड़ाई लडूंगा : गुरदीप
मुखे के खिलाफ मोर्चा खोले गुरदीप सिंह भाटिया ने अपने धर्म परिवर्तन करने के बयान को वापस लिया है। उन्होंने कहा दबाव पर उन्होंने फैसला लिया है कि वे धर्म परिवर्तन नहीं करेंगे, बल्कि कानूनी लड़ाई लड़ते हुए मुखे का पर्दाफाश करेंगे।
धर्म परिवर्तन नहीं करूंगा, लीगल लड़ाई लडूंगा : गुरदीप
मुखे के खिलाफ मोर्चा खोले गुरदीप सिंह भाटिया ने अपने धर्म परिवर्तन करने के बयान को वापस लिया है। उन्होंने कहा दबाव पर उन्होंने फैसला लिया है कि वे धर्म परिवर्तन नहीं करेंगे, बल्कि कानूनी लड़ाई लड़ते हुए मुखे का पर्दाफाश करेंगे।