अरुण नामता हत्याकांड में सतनाम को उम्रकैद
जिला जज -5 सुभाष की अदालत ने मंगलवार को टेल्को आजादबस्ती जेम्को निवासी अरुण नामता हत्याकांड मामले में सुनवाई के दौरान आरोपी सतनाम सिंह उर्फ गोल्डी को भा.द.वि की धारा 302/34 के तहत उम्रकैद का सजा सुनाई। इसके अलावे 20 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना का राशि अदा नहीं करने पर छह माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई। कोर्ट ने सतनाम को आर्म्स एक्ट की धारा 27 के तहत 5 वर्ष दो हजार रुपए का जुर्माना का सजा सुनाई है। जुर्माना की राशि का भुगतान नहीं करने पर तीन माह का अतिरिक्त सजा सुनाई है। कोर्ट ने सतनाम को सोमवार को मामले में दोषी करार दिया था। जबकि सतनाम के प्रेमिका प्रीति जायसवार को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया था। सतनाम पर लगाए गए दोनों सजाएं साथ - साथ चलेगी। इस समय सतनाम सिंह वर्तमान में रांची के जेल में बंद है। कोर्ट ने यह फैसला वीडियो कॉफ्रेसिंग के माध्यम से सुनाई है।
उल्लेखनीय है कि 21 जून 2014 की सुबह सतनाम सिंह ने अरुण नामता को गोली मार कर हत्या कर दिया था। इस मामले में मृतक की बहन अंजू रजक ने टेल्को थाना में सतनाम सिंह, सतनाम के पिता जागीर सिंह और प्रेमिका प्रीति जायसवाल के खिलाफ भाई की हत्या का मामला दर्ज कराई थी। प्राथमिकी में बताया था कि घटना के दिन सुबह 5.30 बजे सतनाम सिंह, जागीर सिंह अपने सरकारी बॉडी गार्ड तरुण के साथ अरुण नामता के घर पहुंचे। घर पहुंच कर कर्ज में दिए गए रुपए की सूद 40 हजार रुपए की मांग की। मामले में कुल 16 लोगों की गवाही हुई थी। कोर्ट के समक्ष अपर लोक अभियोजन आरके शर्मा ने अपना पक्ष रखा था।
टेल्को में 21 जून 2014 की सुबह अरुण नामता को गोली मार कर हुई थी हत्या
देह व्यापार के मामले में छह को भेजा जेल
परसुडीह थाना में खखड़ीपाड़ा निवासी यमुना हो के बयान पर देह व्यापार का मामला दर्ज किया गया है। इसमें छह लोगों को अभियुक्त बनाया गया है। सभी अभियुक्तों को परसुडीह पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इसमें गदड़ा के अतुल कुमार, यशोदा नगर के रितेश कुमार, चंदन कुमार, राजनाथ, राहुल गोप व कृष्णा कर्मकार शामिल हैं। कृष्णा कर्मकार को पुलिस अभी गिरफ्तार नहीं कर पाई है। खखड़ीपाड़ा के जिस घर में देह व्यापार चल रहा था वह कृष्णा कर्मकार का ही है। मालूम हो कि गुप्त सूचना के आधार पर परसुडीह पुलिस ने सोमवार की देर रात छापामारी कर सभी को पकड़ा था। जानकारी के अनुसार, एक नाबालिग को खड़गपुर से देह व्यापार के लिए लाया गया था।