टिनप्लेट में वेज पर वार्ता के लिए डीके व परविंदर अधिकृत
एक अप्रैल 2018 से ओल्ड ग्रेड के कर्मचारियों का वेज रिवीजन लंबित है
सिटी रिपोर्टर | जमशेदपुर
द टिनप्लेट इंडिया लिमिटेड में एक अप्रैल 2018 से ओल्ड ग्रेड के कर्मचारियों का वेज रिवीजन लंबित हो चुका है। न्यू सिरीज के कर्मचारियों का 2019 में वेज रिवीजन लंबित होगा। द गोलमुरी टिनप्लेट वर्कर्स यूनियन का प्रयास है कि ओल्ड और न्यू सिरीज के कर्मचारियों का वेज रिवीजन एक साथ किया जाए ताकि एक कंपनी में कर्मचारियों के वेज रिवीजन के मसले पर दो बार प्रबंधन से वार्ता और दो बार समझौता नहीं करना पड़े।
वेज रिवीजन के मसले पर प्रबंधन से प्रारंभिक बातचीत शुरू करने के लिए यूनियन अध्यक्ष राकेश्वर पांडे ने यूनियन महामंत्री डीके सिंह और संयुक्त महामंत्री परविंदर सिंह को अधिकृत किया है। टाटा समूह की कंपनियों में टाटा स्टील और टाटा मोटर्स के बाद टिनप्लेट में सबसे अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। टिनप्लेट इंडिया लिमिटेड को बीते वित्तीय वर्ष में 72 करोड़ रुपए का शुद्ध मुनाफा हुआ है, जबकि इससे पहले वित्तीय वर्ष में कंपनी को 29 करोड़ रुपए का लाभ हुआ था। रिकॉर्ड उत्पादन और मुनाफा के कारण द गोलमुरी टिनप्लेट वर्कर्स यूनियन को यकीन है कि बेहतर वेज रिवीजन कराने के लिए अपेक्षाकृत कम मशक्कत करनी होगी। टिनप्लेट वर्कर्स यूनियन ने वेज रिवीजन के लिए चार्टर ऑफ डिमांड बना कर प्रबंधन को दे दिया है।
ओल्ड व न्यू सिरीज का समझौता एक साथ कराने का प्रयास
द गोलमुरी टिनप्लेट वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष राकेश्वर पांडे ने कहा कि ओल्ड और न्यू सिरीज के कर्मचारियों के वेज समझौता की अवधि अलग-अलग है। लेकिन हम लोगों की कोशिश होगी कि ओल्ड के साथ न्यू सिरीज के कर्मचारियों के लिए वेज रिवीजन का समझौता किया जाए। इससे भविष्य में भी प्रबंधन और यूनियन को सहूलियत होगी। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष की समाप्ति के बाद कंपनी में ऑडिट का कार्य चलता है। मई तक कंपनी में ऑडिट और लेखाजोखा का काम पूरा हो जाएगा। उम्मीद है कि जून से वेज रिवीजन के मसले पर गंभीरता से वार्ता शुरू हो जाएगी। कंपनी ने हर मसले पर बढ़िया प्रदर्शन किया है। इसलिए कर्मचारियों को विश्वास है कि बेहतर वेज रिवीजन होगा। इस साल के अंत तक समझौता करने का लक्ष्य किया गया है।