एजुकेशन रिपोर्टर | जमशेदपुर
स्कूल विलय की वास्तविक स्थिति जानने के लिए नीति आयोग व राज्य सरकार की संयुक्त टीम ने मुसाबनी व घाटशिला के एक-एक विद्यालय का शुक्रवार को निरीक्षण किया। इस दौरान जिला शिक्षा अधीक्षक (डीएसई) बांके बिहारी सिंह भी मौजूद रहे। टीम के सदस्य सबसे पहले कोईली सूती मध्य विद्यालय गए। इसमें तीन स्कूलों का मर्जर हुआ है। उन्होंने मर्जर के बाद हुए बदलाव और कितने छात्र बढ़े हैं, इसकी जानकारी ली।
टीम के सदस्यों ने उन गांवों का भी दौरा किया। जहां के विद्यालय को मर्ज किया गया। गांव के लोगों ने विद्यालय बंद होने पर अपनी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि गांव में विद्यालय होने से बच्चों को आसानी होती थी। लेकिन अब उन्हें पढ़ाई के लिए दूर जाना पड़ रहा है। इस पर टीम के सदस्यों ने कहा कि इस योजना का मकसद बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है। ऐसे में आप बताएं की कम दूरी पर स्थित स्कूल चाहतें हैं या बच्चों के लिए एक ऐसा स्कूल जहां बेहतर शिक्षा मिले। उनके बेहतर भविष्य के लिए स्कूलों का विलय किया गया है। टीम ने कहा कि विलय के बाद अब स्कूलों को बेहतर बनाने पर काम किया जाएगा, ताकि यहां गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए। यहां से टीम घाटशिला स्थित महुलिया मध्य विद्यालय पहुंची। इसमें कुल पांच विद्यालय का मर्जर हुआ। मौके पर विद्यालय में स्थित शिक्षकों से उन्होंने विलय के बाद हुए बदलाव की जानकारी ली। सभी ने सरकार के प्रयास की सराहना की।
विलय का फैसला सही या गलत, जानने पहुंची टीम
मिली जानकारी के अनुसार इस टीम के दौरे का मुख्य उद्देश्य। यह पता लगाना है कि स्कूलों के विलय का फैसला सही था या नहीं और जिस उद्देश्य के साथ विलय की प्रक्रिया पूरी की जा रही है वह पूरा हो रहा है कि। साथ ही विलय के बाद उन गांव के लोग के लोगों की क्या राय है जहां के विद्यालय का मर्जर हुआ है। ताकि अगर उनमें नाराजगी तो उसे कैसे दूर किया जाए इस पर काम किया जा सके।