जिले के निजी व सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले 15 साल तक के 3 लाख छात्रों को रूबेला अर्थात् जर्मन खसरा बीमारी से बचाने के लिए प्रतिरोधक टीका लगाया जाएगा। स्कूल नहीं जाने वाले बच्चों का टीकाकरण घर-घर जाकर किया जाएगा। यह फैसला उपायुक्त कार्यालय में स्वास्थ्य विभाग व समाज कल्याण विभाग की संयुक्त बैठक में लिया गया। मौके पर मातृत्व वंदना योजना व आकांक्षी जिला योजना पर भी चर्चा की गई। नीति आयोग ने देश के 115 पिछड़े जिला को आकांक्षी जिला के अंतर्गत चिन्हित किया है। इनमें पूर्वी सिंहभूम जिला भी शामिल है। नीति आयोग द्वारा तय मानकों के आधार पर स्वास्थ्य के क्षेत्र में किया जाएगा। नीति आयोग द्वारा जो आंकड़े भेजे गए हैं उनके आधार पर जिले की स्थिति संतोषजनक करने के लिए सामूहिक प्रयास करने पर सहमति बनी। नीति आयोग के आदेश के आलोक में रूबेला बीमारी से जिले को मुक्त कराना है। 26 जून को जिले में अभियान को लांच किया जाएगा। अभियान का नाम ‘मिशन रूबेला कैंपेन’ रखा गया है। अभियान के दौरान प्रचार-प्रसार किया जाएगा, ताकि आम लोगों को जागरूक किया जा सके।