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बेबसिओसिस के दहशत में नौ माह के शावकों का नहीं हो पाया नामकरण 5 सौ से अधिक नाम लोगों ने सुझाए

3 वर्ष पहले
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टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क में बाघ के दो शावकों का नामकरण अबतक नहीं हो पाया है। शावक नौ महीने के हो गए हैं। नामकरण कब तक होगा, इसके बारे में टाटा स्टील जू प्रबंधक की कोई तैयारी नहीं है। 23 अगस्त को जू की बाघिन डोना ने तीन शावकों को जन्म दिया था। शावकों में से एक की मौत बेबसिओसिस बीमारी से 18 मार्च को हुई थी। इसके एक सप्ताह के बाद ही साढ़े तीन साल की बाघिन आहना की भी मौत इसी बीमारी से हुई थी। बेबसीओसिस से बाघिन और शावक की मौत के बाद बच्चों का नामकरण टाल दिया गया था। 31 मार्च तक तीन शावकों का नामकरण करने की तिथि जू-प्रबंधन ने घोषित किया था। जू के निदेशक विपुल चक्रवर्ती के अनुसार नामकरण की अभी कोई तैयारी नहीं है। लोगों के आवेदन टाटा स्टील शिक्षा विभाग के पास पड़ा है।

बीमारी से बचाने के लिए बाघ के बाड़े का नवीनीकरण

बेबसीओसिस से शावक और मादा बाघ की मौत के बाद उनके बाड़े का जिर्णोद्धार का काम चल रहा है। उसकी दीवार और जालियों को नया किया जा रहा है। बाड़े के पुराने घास के मैदान को हटाया जा रहा है। वहां नए सिरे से जमीन को खोदकर घास लगाया जाएगा। इसके अलावे तालाब में पानी भी नए सिरे से भरा जाएगा। बेबसीओसिस से बचाव के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। इससे पहले बाड़े के आसपास की झाड़ियों को पहले ही हटाया जा चुका है।

जू की स्थिति अब सामान्य है अब बीमारी का प्रकोप खत्म हो गया है। शावकों का नामकरण के आवेदन शिक्षा विभाग के पास है। अबतक नामकरण की कोई तैयारी नहीं है। विपुल चक्रवर्ती, निदेशक, टाटा स्टील जूलोजिकल पार्क

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