जमशेदपुर | निजी अस्पतालों को अब रोजाना परिजनों को यह बताना होगा कि मरीज के इलाज में कितना खर्च हुआ। मरीज का ऑपरेशन होने पर उसका लाइव दिखाना होगा। यह जानकारी भी देनी होगी कि कौन-कौन डॉक्टर इलाज कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की प्रधान सचिव निधि खरे की ओर से पूर्वी सिंहभूम समेत प्रदेश के सभी जिलों में झारखंड क्लीनिकल स्टेब्लिशमेंट एक्ट सख्ती से लागू करने के निर्देश से यह पहल शुरू हुआ है। सचिव की सख्ती पर शहर के कारपोरेट व निजी अस्पतालों में बिल की जानकारी देने के लिए जल्द ही परिजनों को एसएमएस से बिल की जानकारी देने की तैयारी कर रहा है। साथ ही आपरेशन को लाइव दिखाने की तैयारी में भी जुट गया है। आम लोगों का बेहतर व पारदर्शी ढंग से निजी अस्पतालों में इलाज हो इसके लिए वर्ष 2005 में झारखंड क्लीनिकल स्टेब्लिशमेंट एक्ट बना। लेकिन एक्ट बनने के तेरह साल बाद भी यह लागू नहीं हो सका है। लेकिन विभाग की प्रधान सचिव ने एक्ट को सख्ती से लागू करने के लिए पूर्वी सिंहभूम के सिविल सर्जन डॉ. महेश्वर प्रसाद को निर्देश दिया है कि एक्ट को सख्ती से लागू किया जाए। सीएस इस निर्देश को सख्ती से लागू कराने में सफल होते हैं तो निजी अस्पतालों की मनमानी पर रोक लगेगी।