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पुल निर्माण के लिए ठेकेदार ने नाले का रास्ता रोका, 3 माह से सड़क पर बह रहा गंदा पानी

3 वर्ष पहले
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डीबी स्टार जमशेदपुर

बारीडीह बस्ती शक्तिनगर में मुख्य सड़क पर नाली का पानी बहने से बस्तीवासी एवं वहां से गुजरने वाले राहगीर तीन माह से परेशान हैं। तकरीबन दस हजार आबादी वाले इस क्षेत्र के घरों का पानी नाले में गिरता है। लेकिन नाले पर पुल निर्माण के लिए संवेदक ने यहां पानी निकलने का रास्ता रोक दिया है।

इस वजह से गंदा पानी सड़क पर बह रहा है। जल-जमाव व इसकी दुर्गंध से लोगों को जीना मुहाल है। जमे पानी से मच्छरों की संख्या भी बढ़ गई है। इस समस्या के समाधान के लिए बस्तीवासियों ने कई बार स्थानीय विधायक प्रतिनिधि पवन अग्रवाल को आवेदन दिया। लेकिन इस मामले में कोई पहल नहीं हुई है। जमशेदपुर अक्षेस के सफाई संवेदक विनय भूषण शर्मा के अनुसार, वे अपने कर्मचारियों से नाली की सफाई करवाते हैं। लेकिन इससे कोई सुधार नहीं होता। मर्सी हॉस्पिटल, शांति नगर एवं शक्ति नगर के साथ अन्य बस्तियों का गंदा पानी शक्तिनगर नाला चौक के पास से मिलता था। लेकिन पुल निर्माण के लिए नाले का मुहाना ठेकेदार द्वारा बंद कर दिया गया। नाली का चैंबर भी गिट्टी-बालू गिरा देने से भर गया है। इस कारण यहां के लोगों को इस समस्या से गुजरना पड़ रहा है। इस समस्या से निपटने के लिए तुरंत सड़क काटकर बड़े नाले का निर्माण करना होगा, तभी पानी का निष्कासन हो पाएगा। तत्काल कोई व्यवस्था नहीं की गई तो यहां के लोगों में महामारी फैल जाएगी।

10 हजार लोग रोजाना परेशानी से जुझ रहे हैं, बारिश में बढ़ जाएगी मुसीबत

डीबी स्टार जमशेदपुर

बारीडीह बस्ती शक्तिनगर में मुख्य सड़क पर नाली का पानी बहने से बस्तीवासी एवं वहां से गुजरने वाले राहगीर तीन माह से परेशान हैं। तकरीबन दस हजार आबादी वाले इस क्षेत्र के घरों का पानी नाले में गिरता है। लेकिन नाले पर पुल निर्माण के लिए संवेदक ने यहां पानी निकलने का रास्ता रोक दिया है।

इस वजह से गंदा पानी सड़क पर बह रहा है। जल-जमाव व इसकी दुर्गंध से लोगों को जीना मुहाल है। जमे पानी से मच्छरों की संख्या भी बढ़ गई है। इस समस्या के समाधान के लिए बस्तीवासियों ने कई बार स्थानीय विधायक प्रतिनिधि पवन अग्रवाल को आवेदन दिया। लेकिन इस मामले में कोई पहल नहीं हुई है। जमशेदपुर अक्षेस के सफाई संवेदक विनय भूषण शर्मा के अनुसार, वे अपने कर्मचारियों से नाली की सफाई करवाते हैं। लेकिन इससे कोई सुधार नहीं होता। मर्सी हॉस्पिटल, शांति नगर एवं शक्ति नगर के साथ अन्य बस्तियों का गंदा पानी शक्तिनगर नाला चौक के पास से मिलता था। लेकिन पुल निर्माण के लिए नाले का मुहाना ठेकेदार द्वारा बंद कर दिया गया। नाली का चैंबर भी गिट्टी-बालू गिरा देने से भर गया है। इस कारण यहां के लोगों को इस समस्या से गुजरना पड़ रहा है। इस समस्या से निपटने के लिए तुरंत सड़क काटकर बड़े नाले का निर्माण करना होगा, तभी पानी का निष्कासन हो पाएगा। तत्काल कोई व्यवस्था नहीं की गई तो यहां के लोगों में महामारी फैल जाएगी।

सड़क पर पत्थर डालकर निकल रहे है लोग।

गम्हरिया के ठेकेदार को मिला है काम

शक्तिनगर में गम्हरिया के ठेकेदार तारक राउत को नाला पर पुल बनाने का जिम्मा मिला है। बस्तीवासियों के अनुसार, पुल बनने से नाले की चौड़ाई तो बढ़ जाएगी, लेकिन पानी के निष्कासन में समस्या होगी। गंदा पानी सड़क पर बहता ही रहेगा।

जंगल में जाने से पहले जवानों को खिलाएं दवा

नक्सल क्षेत्र के जवानों को दें मलेरियारोधी दवाएं

पुलिस मुख्यालय ने सभी रेंज आईजी को दिया आदेश

डीबी स्टार जमशेदपुर/ रांची

जमशेदपुर, रांची सहित प्रदेशभर में इन दिनों मच्छर और मलेरिया से लोग त्रस्त हैं। सबसे बड़ी समस्या उन जवानों के सामने है, जो नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में ड्यूटी कर रहे हैं। जंगलों के बीच मलेरिया से बचते-बचाते जवान नक्सलियों को सबक सीखा रहे है। अब जंगल में जवानों को नक्सलियों से कम मलेरिया के मच्छरों से ज्यादा डर लगने लगा है। यही कारण है कि नक्सल अभियान के दौरान जंगलों में नक्सलियों से खुद को बचाने के साथ-साथ मच्छरों से बचाव के कई उपाय करने पड़ते हैं।

झारखंड में इन दिनों चाईबासा, पलामू, सिमडेगा, खूंटी, चतरा, गिरिडीह सहित कई इलाकों में नक्सल अभियान चल रहा है। अभियान में जिला पुलिस, सीआरपीएफ, जगुआर, जैप, आईटीबीपी व सैफ सहित अन्य सुरक्षा एजेंसियों के जवान और अफसर शामिल हैं। राज्य में मलेरिया का प्रकोप अधिक है। कई क्षेत्र मलेरिया जोन में आते हैं। रांची जिले में बुंडू, तमाड़, अनगड़ा एवं सिल्ली क्षेत्र में मलेरिया का प्रकोप अधिक है। ऐसे में अभियान में शामिल कई जवान मलेरिया की वजह से बीमार हो रहे हैं। पुलिस मुख्यालय मच्छर और मलेरिया को लेकर चिंतित है। पुलिस मुख्यालय में सभी रेंज के आईजी को मलेरिया से बचाव के लिए जवानों को दवा सहित हर सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। जवानों को जवानों को कैंप से निकलने के दौरान क्लोरोक्वीन, प्रीमाक्वीन, एसीटी काम्बी ब्लिस्टर के साथ आरडी किट और लोशन आदि भी उपलब्ध कराए जा रहे है। जहां दवाएं की कमी से संबंधित शिकायतें मिली हैं, वहां तुरंत जवानों को दवाएं उपलब्ध कराने को कहा गया है।

मलेरिया का प्रकोप व बीमारों की स्थिति

नक्सल अभियान में लगे जवान मलेरिया से बीमार, कई अस्पतालों में इलाजरत।

देश में मलेरिया के सर्वाधिक मामलों वाला तीसरा बड़ा राज्य है झारखंड।

राज्य में हादसों या हत्याओं से ज्यादा मच्छर जनित बीमारियों के चलते लोग अस्पताल में भर्ती।

तीन साल में मलेरिया के कुल 141539 केस सामने आए।

वर्ष 2015 से अबतक राज्य में मलेरिया से 22 मौतें हुई।

दो साल में मलेरिया के मामलों में आई 11 प्रतिशत गिरावट, लेकिन डेंगू का कहर सात गुना बढ़ा।

इस वर्ष मार्च तक राज्य में मलेरिया के तकरीबन चार हजार मामले सामने आए।

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