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फर्जी रेलवे रिक्रूटमेंट अफसर बन दे रहा था 70 हजार/माह की जॉब, पीड़ितों ने पकड़ा

3 वर्ष पहले
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विकास श्रीवास्तव | जमशेदपुर

रेलवे में नौकरी के नाम पर जमशेदपुर, खड़गपुर और अन्य शहरों के सैकड़ों युवक ठगी के शिकार बने हैं। मामले का खुलासा तब हुआ, जब रेलवे के फर्जी पैड पर बने अपॉइंटमेंट लेटर लेकर आदित्यपुर की भाग्यवंती दीक्षित टाटानगर स्टेशन पहुंची। रेल अधिकारियों ने नियुक्ति पत्र देखकर बताया कि यह फर्जी लेटर है। भाग्यवंती ने भाई सुमित साह को जानकारी दी। कोलकाता के प्रशांत चौधरी उर्फ प्रशांत बिरुवा ने खुद को दक्षिण पूर्व रेलवे जोन का रिक्रूटमेंट अफसर बताकर उसे ग्रुप सी में करीब 70 हजार रु. महीने की फर्जी नौकरी दी थी। सुमित ने दोस्तों के साथ प्रशांत की तलाश शुरू की। इस क्रम में ठगे गए सात युवक सामने आए। प्रशांत दो महीने से गायब था। उसने कदमा में भी फ्लैट ले रखा है। सोमवार को उसे साकची कोर्ट के पास देखा गया। युवकों को देखकर वह भाग गया, लेकिन कदमा बाजार में पकड़ा गया। आरोपी ने सभी युवकों को रकम लौटाने का आश्वासन दिया है। युवकों ने देर रात उसे कदमा थाना के हवाले कर दिया है। ठगे गए युवकों में से दो आदित्यपुर और पांच खड़गपुर के हैं। शेष पेज 05

आरोपी प्रशांत

कदमा में युवकों के हत्थे चढ़ा कोलकाता का आरोपी प्रशांत

अब तक 7 युवक सामने आए, जिनसे ऐंठे थे 13 लाख रु.

दक्षिण-पूर्व रेलवे के अधिकारी को भेजते हैं रुपए : आरोपी

फर्जी अपॉइंटमेंट लेटर

आरोपी से भाटिया पार्क में पिकनिक के दौरान मिले थे

सुमित साह ने बताया, 7 जनवरी 2018 को मैं कदमा के भाटिया पार्क में पिकनिक के लिए गया था। वहीं, प्रशांत से मुलाकात हुई। फिर हम मिलते रहे। इसी दौरान प्रशांत ने टीएमएच में नौकरी का ऑफर दिया। नौकरी के चक्कर में मैं प्रशांत के पास आने-जाने लगा। मेरी बहन भाग्यवंती दीक्षित ने रेलवे की परीक्षा दी है, लेकिन ज्वाइनिंग नहीं कर पा रही है। मैंने प्रशांत से बताया तो उसने कहा- रेलवे में नौकरी लगवाना चुटकी का काम है। उसने पैसों का इंतजाम करने को कहा। मैंने अपने और बहन की नौकरी के लिए उसे 2.50 लाख से ज्यादा दे दिए। मेरे चार दोस्त खड़गपुर में रहते हैं। मैंने उनसे भी रेलवे में नौकरी के बारे में बताया। उनलोगों ने भी प्रशांत को रुपए दिए। रुपए मिलने के बाद वह हमलोगों को एक बार कोलकाता भी ले गया था। हमलोगों को एक होटल में छोड़कर गया और बोला वह रेलवे के हेडक्वार्टर गार्डेनरीच से आ रहा है। उसके कुछ दिन बाद प्रशांत ने हमें नियुक्ति पत्र दिया और गायब हो गया। जब हमलोग नौकरी के लिए गए तो असलियत का पता चला।

ये बने ठगी के शिकार

सुमित साह व भाग्यवंती दीक्षित (आदित्यपुर), देवाशीष पांडा, चिन्मय चक्रवर्ती, गौरीशंकर पांडा, चयन चक्रवर्ती और देवेश पांडा (खड़गपुर)

आदित्यपुर के सुमित ने दर्ज कराया केस

प्रशांत चौधरी खुद का परिचय दक्षिण-पूर्व रेलवे जोन के रिक्रूटमेंट अफसर के रूप में देता था। वह युवकों से लाखों रुपए लेकर कई दिनों से गायब था। सोमवार को आदित्यपुर के सुमित साह ने उसके खिलाफ कोर्ट कंपलेन दर्ज कराया। इसी दौरान प्रशांत उसे साकची कोर्ट परिसर में दिखा। सुमित ने उसका पीछा किया और कुछ दोस्तों को सूचना दी। इसके बाद पीड़ित और उनके परिजन पहुंच गए। प्रशांत की खोज शुरू हुई तो वह कदमा बाजार में मिला।

पीड़ित की जुबानी

अब तक 13 लाख रुपए ठगी के शिकार बने सात पीड़ित सामने आए, सभी आदित्यपुर के हैं

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