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शिक्षक नियुक्ति में अब आरक्षण रोस्टर पर डीसी से अनुमोदन कराना अनिवार्य

3 वर्ष पहले
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एजुकेशन रिपोर्टर | जमशेदपुर

सरकारी सहायता प्राप्त अल्पसंख्यक विद्यालयों में शिक्षक नियुक्ति में अब विद्यालय प्रबंधन समिति की मनमर्जी नहीं चलेगी। शिक्षा सचिव अमरेंद्र प्रताप सिंह के नए निर्देश ने विद्यालय प्रबंध समिति (एसएमसी) के अधिकारों को सीमित कर दिया है।

नए निर्देश के तहत अब हर हाल में आरक्षण नियमों का पालन करना होगा। ऐसा नहीं करने पर पूरी नियुक्ति प्रक्रिया को अवैध घोषित करने की बात कही गई है। साथ ही गैर सरकारी सहायता प्राप्त (अल्पसंख्यक सहित) प्रारंभिक विद्यालयों में नियुक्ति के लिए संबंधित जिला के लिए निर्धारित आरक्षण रोस्टर के अनुसार विद्यालय स्तर पर एक रोस्टर पंजी तैयार होगी। इसका अनुमोदन उपायुक्त स्तर से होगा। इसके बाद ही नियुक्ति प्रक्रिया शुरू हो पाएगी।

नियुक्ति के समय डीएसई की उपस्थिति भी अनिवार्य, आरक्षण नियमों की अनदेखी कर हुई नियुक्ति का मामला प्रकाश में आने के बाद जारी किया गया आदेश

आरक्षण अधिनियम को भी स्पष्ट किया

झारखंड में पदों एवं सेवाओं की रिक्तियों में आरक्षण अधिनियम 201 की धारा 2 (ग) (iii) में स्पष्ट है कि विश्वविद्यालय या उससे संबद्ध कॉलेज, प्राथमिक, माध्यमिक व उच्च विद्यालय अथवा ऐसे शैक्षणिक संस्थान, जिन्हें राज्य सरकार ने स्वाधिकृत किया है या सहायता प्रदान की है, वहां नियुक्ति में अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) व पिछड़े वर्ग (ओबीसी) को आरक्षण देना है।

शिक्षकों की चयन प्रक्रिया में आरक्षण व दूसरे नियमों का पालन नहीं होने से कई शिक्षकों का वेतन निर्धारण लंबित

मालूम हो कि अभी तक स्कूल प्रबंधन अपनी मर्जी से नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करते थे। इसके तहत वे पैसे-पैरवी के साथ अपने चहेते लोगों को नियुक्त कर लेते थे। इस वजह से योग्य अभ्यर्थी कई बार छंट जाते थे। इधर, शिक्षा सचिव ने स्पष्ट किया है कि 4 मार्च 1993 को जारी विभागीय पत्र संख्या 709 के तहत गैर सरकारी सहायता प्राप्त (अल्पसंख्यक सहित) प्रारंभिक विद्यालय में शिक्षकों की चयन प्रक्रिया में विभागीय प्रतिनिधि की उपस्थित के साथ ही आरक्षण नियमों के पालन किए जाने का निर्देश निर्गत किया गया है। लेकिन अधिकतर मामलों में इस आदेश का पालन नहीं हुआ है। इसकी वजह से कई शिक्षकों का वेतन निर्धारण लंबित है। ऐसे में इस प्रक्रिया को सही ढंग से पूरा करने के लिए नियुक्ति से संबंधित नया निर्देश जारी किया जा रहा है।

शिक्षा सचिव ने ये निर्देश दिए

सरकारी सहायता प्राप्त अल्पसंख्यक विद्यालयों में शिक्षक नियुक्ति से पहले उपायुक्त से अनुमोदित कराना होगा आरक्षण रोस्टर।

नियुक्ति के समय डीएसई की उपस्थिति होगी अनिवार्य।

एसएमसी की बैठक में किसी भी परिस्थिति में दूसरे पदाधिकारी को प्रतिनियुक्त व प्राधिकृत नहीं किया जा सकेगा।

जिन शिक्षकों की नियुक्ति होगी, वे तभी पढ़ा पाएंगे जब विभागीय स्तर से उनका वेतन अनुमोदन हो जाए। अनुमोदन से पूर्व अगर किसी से शिक्षण कार्य लिया जाता है तो उसके वेतन भुगतान की जिम्मेदारी संबंधित विद्यालय प्रबंधन समिति की होगी।

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