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स्नातक वालों को डेटा एनेलेटिक कोर्स भी कराया जाएगा

3 वर्ष पहले
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जेएनटीवीटीआई के प्रबंधकों का आकलन है कि स्नातक करने वाले युवाओं को बेरोजगारी के दौर से गुजरना पड़ रहा है। उनके लिए बेहतरीन कोर्स पर लगातार चिंतन-मंथन चल रहा है। यह बात सामने आई है कि डेटा एनेलेटिक कोर्स के लिए संभावनाएं हैं। डेटा का एनालिसिस करने के लिए आर या सेस जैसे सॉफ्टवेयर प्रोग्राम के बारे में कुछ महीने का कोर्स कराया जाए तो डेटा एनेलेटिक के लिए रोजगार मिल सकता है। अध्ययन में यह बात सामने आई है कि डेटा का एनालिसिस कर उससे सही निष्कर्ष निकालने में जिन्हें महारथ हो जाएगी, उन्हें 4 से पांच लाख रुपए सालाना पैकेज पर रोजगार मिल सकता है, देश के साथ विदेश में भी। अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है।

झारखंड के लोगों को रोजगार के लायक बनाने के मकसद से बनाए गए जमशेदजी नौसरवान जी टाटा वोकेशनल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (जेएनटीवीटीआई) में जून से नई मशीनें आ जाएंगी। तकनीकी पाठ्यक्रम की शिक्षा देने के लिए नए फैकल्टी भी आएंगे। पर्याप्त मशीनें और फैकल्टी उपलब्ध होने के बाद जेएनटीवीटीआई में नए टेक्निकल कोर्स शुरू होंगे।

जेएनटीवीटीआई में अगले माह से नई मशीन, फैकल्टी भी आएंगे, नए कोर्स की शुरुआत होगी

कोर्स करने वालों को चार से पांच लाख रुपए का सालाना पैकेज मिलेगा

टाटा स्टील समूह के सहयोग से जेएन टाटा वोकेशनल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट का गठन किया गया है, जो ट्रस्ट है। केएमपीएम इंटर कॉलेज परिसर में इसका संचालन हो रहा है। ट्रस्ट का मकसद है, झारखंड के बेरोजगार युवाओं को बेहतर प्रशिक्षण देकर रोजगार के लायक बनाना। घोषित मकसद के मुताबिक काम भी हुआ है, बेहद अल्प शुल्क में। 2016 में शुरू हुए जेएनटीवीटाई में इलेक्ट्रिकल फिटर, मैकेनिकल फिटर, वेल्डर, गैस कटर, सेफ्टी सुपरवाइजर, लांसर, रेगर, साइट सेफ्टी सुपरवाइजर का कोर्स चालू हो चुका है। अधिकतम शुल्क है, महज 10 से 20 हजार रुपए। जिन लोगों ने कोर्स किया है, उन्हें रोजगार भी मिला है। सालाना सवा 2 से 2.60 लाख का सालाना पैकेज मिला है। टाटा स्टील की वेंडर कंपनी त्रिमूर्ति इंडस्ट्रीज, एब्रेंस्ट इंजीनियरिंग, ब्लू पीटर, रेड्डी एंड संस, नागार्जुना इंटरप्राइजेज, ईश्वर कंस्ट्रक्शन में स्थायी तौर पर बहाली हुई है।

जेएनटीवीटीआई में शुरुआती दौर में सिर्फ साक्षात्कार के जरिए आवेदकों का चयन करना पड़ता था। अब लिखित परीक्षा, साक्षात्कार और मेडिकल कराया जा रहा है। जून से जेएनटीवीटीआई में नए कोर्स कराने के लिए और मशीनें मंगाई जाएंगी। फैकल्टी की संख्या भी बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। सोच यह है कि जेएनटीवीटीआई में सुबह से रात तक पाठ्यक्रम चलता रहे। अधिक समय मिलेगा तो ज्यादा कोर्स कराए जा सकेंगे। प्रकाश सिंह, ट्रस्टी, जेएनटीवीटीआई सह टाटा स्टील कैपेबिलिटी डेवलपमेंट चीफ

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