अखिल भारत वर्षीय खंडेलवाल वैश्य महासभा राष्ट्रीय महासमिति की बैठक रविवार को माइकल जॉन आडिटोरियम में हुई। संगठन की ओर से प्रस्तावित कई धारा में संशोधन किया गया। साथ ही, राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महासभा के कार्यक्षेत्र का विस्तार हुआ।
बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि महासभा अध्यक्ष पद के लिए वही कार्यकारिणी सदस्य चुनाव लड़ सकता है, जिसने तय राशि जमा कर दी है व महासभा की कोई देनदारी नहीं हो। साथ ही, प्रत्याशी को एक सत्र का अनुभव हो। महासभा में एक सत्र का सदस्य बनने के लिए 1100 रुपए व स्थाई सदस्य के लिए 11,000 रुपए जमा करना जरूरी है। न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए। कार्यकारिणी सदस्य का चुनाव लड़ने के लिए संस्था कोष में 2100 रुपए जमा करना होगा। इससे पहले बतौर मुख्य अतिथि मंत्री सरयू राय व विशिष्ट अतिथि सांसद विद्युत वरण महतो ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। राष्ट्रीय अध्यक्ष कालीचरण कोड़िया ने कहा- महासभा की ओर से हर साल 7.5 करोड़ रुपए का बजट तैयार किया जात है। इसका उपयोग जरूतमंदों को चिकित्सकीय सहायता, छात्रवृति, महिला कल्याण, कन्यादान उपहार, सामूहिक विवाह, जनकल्याण योजना व उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक मदद देना है। बैठक में ओड़िशा, राजस्थान, दिल्ली, आंध्रप्रदेश,तमिलनाडु, नेपाल, कोलकाता , दुबई व नेपाल से आए खंडेलवाल समाज के तकरीबन 300 लोग शामिल हुए। मौके पर रमेशचंद्र खंडेलवाल, विजय खंडेलवाल, नरेश खंडेलवाल,नरेश रावत, अशोक कुमार मेठी,चुन्नीलाल,कासलीवाल, सुभाष बम्ब, राम अवतार मेठी, युगल किशोर रावत, बृजमोहन वैद आदि उपस्थित थे।
कालीचरण कोड़िया।
खंडेलवाल समाज का हर व्यक्ति सामाजिक सोच का धनी : मुख्य अतिथि सरयू राय ने कहा कि आपातकाल में पटना के खंडेलवाल परिवार ने ही उन्हें आश्रय दिया था। इस समाज का हर व्यक्ति सामाजिक सोच का धनी है। सांसद विद्युतवरण महतो ने कहा कि अपने समाज के उत्थान के लिए जिस तन्मयता के साथ खंडेलवाल समाज काम कर रहा है वह काफी सराहनीय है। समाज के लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए संगठन की ओर से राष्ट्रीय स्तर पर कार्यक्रम का आयोजन करते रहना चाहिए।
कार्यक्रम का उदघाटन करते मंत्री सरयू राय, सांसद विद्युतवरण महतो व अन्य।
विदेश में रहकर भी देश की जनता की सहायता करते हैं धमानी : महासभा के मुख्य संरक्षक लक्ष्मी नारायण धमानी दुबई से राष्ट्रीय बैठक में शामिल होने पहुंचे। धमानी जयपुर के रहने वाले हैं, लेकिन बिजनेस के सिलसिले में वे पिछले 38 सालों से दुबई में रह रहे हैं। संगठन के द्वारा सामाजिक कार्यों को बढ़ावा देने के लिए धमानी सलाना 40 लाख रुपए अनुदान देते हैं। दस साले पहले एक करोड़ की राशि संगठन को दी थी।