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कमाई का आधा हिस्सा बस्ती के सौंदर्यीकरण पर खर्च करता है जुगसलाई का सन्नी

3 वर्ष पहले
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जुगसलाई के सफीगंज मुहल्ले का सन्नी सिंह। उम्र करीब 26 साल। प्यार से लोग फिफ्टी-फिफ्टी बुलाते हैं। मुहल्ले में प्रवेश करते ही अलग ही दृश्य दिखता है। दीवारों और घरों के गमलों पर पेंटिंग, कला और संस्कृति दिखाई देती है। साफ-सुधरी नालियां। ऐसा हुआ है सिर्फ सन्नी की इच्छा शक्ति से।

करीब तीन महीने पहले जब शहर में स्वच्छता अभियान चल रहा था। उस समय स्वच्छता को लेकर सन्नी का मन झकझोर उठा। तब से वह इस सेवा में लगा है। कमाई सिर्फ छह हजार रुपए हैं। लेकिन अपनी कमाई का आधा हिस्सा साफ-सफाई पर खर्च कर देता है। सन्नी का कहना है- स्वच्छ रहेंगे तो स्वस्थ रहेंगे। पेड़ कट रहे हैं। शुद्ध हवा नहीं मिल रही है। इसलिए पौधे लगा रहा हूं, ताकि घर में अच्छी व थोड़ी बहुत शुद्ध हवा मिल सके। सन्नी ने इस कार्य के लिए न तो किसी को साथ देने के लिए कहा और न ही एक रुपए की मदद ली। सड़क पर गंदगी हो या नाली गंदी हो, वह खुद ही सफाई करने लगता है। अब बस्ती के लोग उसकी तारीफ कर रहे हैं। सन्नी ने जब यह सेवा शुरू की तो पहले परिवार के लोग काफी नाराज हुए। माता-पिता को समझाया। अब वे खुद उसका सहयोग करते हैं। रंग, पेंट, स्क्रैप से प्लास्टिक व अन्य तरह के डब्बे को खरीद कर गमला का रूप देता है। उसे सुंदर रंग व चित्र से संवारता है। पौधे अपने पैसे से खरीद उसे लगाकर गली मुहल्लों और दीवारों के ऊपर रखता है। सन्नी अपने इस काम के कारण ड्यूटी कभी नहीं छोड़ता है। ड्यूटी के साथ ही वह स्वच्छता में लग जाता है। इसके लिए वह ड्यूटी जाने के पहले और आने के बाद जो समय मिलता है उसे नेक काम में लगता है।

स्वच्छता अभियान से प्रेरित होकर सफीगंज के सन्नी ने तीन महीने में बदल दी तस्वीर, मुहल्ले की दीवारों व गमलों पर पेंटिंग, साफ-सुधरी नालियां दिखती हैं

आर्थिक तंगी के कारण छोड़ दी थी पढ़ाई, नगरपालिका ने सराहा

सन्नी सिंह के पिता बिष्टुपुर में सरनजीत सिंह बिष्टुपुर डायग्नल रोड स्थित एक दुकान में काम करते हैं। परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है। एक बहन थी जिसकी शादी हो गई है। पिता ने जैसे-तैसे दोनों बच्चों काे बड़ा किया है। घर की स्थिति खराब होने के कारण सातवीं कक्षा में ही पढ़ाई छूट गई। वह जुगसलाई के ही एक निजी स्कूल में पढ़ाई करता था। इधर, जुगसलाई नगरपालिका के अधिकारियों को सन्नी के इस कार्य की जानकारी हुई। कार्यक्रम के दौरान उसे आमंत्रित कर उसके इस काम के लिए सराहा भी मिली । अब तो बस्ती के लोग भी सन्नी की खूब तारीफ करते हैं।

गमलों को रंग करते सन्नी सिंह।

शहर की सफाई हम सभी की जिम्मेदारी

सफाई हम सभी की जिम्मेदारी है। यही लोगों को मैं बताना चाहता हूं। मैं चाहता हूं सभी लोग ऐसी पहल करेंगे, तो हर बस्ती व कॉलोनी में गंदगी की समस्या दूर हा़े जाएगी। पहले लोग मुझ पर हंसते थे, लेकिन मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता था। आज वे ही लोग मेरी इस काम की सराहना कर रहे हैं। -सन्नी सिंह

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