हिंदू धर्म प्रचारक साध्वी सरस्वती ने रविवार को जुगसलाई में कहा अयोध्या में श्रीराम मंदिर के निर्माण के मसले पर सिर्फ सियासत हो रही है। चुनाव का वक्त आता है तो राम मंदिर का निर्माण चुनावी मुद्दा बन जाता है। आतंकवादी की फांसी का मामला हो या राजनीतिक दांव-पेंच हाे, राजनेता रात में उच्चतम न्यायालय खुलवा लेते हैं। मगर अयोध्या के मसले पर 2019 के बाद सुनवाई की बात करते हैं। अब राम मंदिर का निर्माण पर सोचने का वक्त खत्म हो चुका है। जमीन पर काम दिखना चाहिए। कर्नाटक विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा-नेता चाहे किसी पार्टी के हों, चुनाव आने पर मंदिर की दौड़ शुरू हो जाती है। साध्वी सरस्वती ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े जुगसलाई के उद्यमी शंभूनाथ जायसवाल के आवास पर पत्रकारों से कहा मुझे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ पर भरोसा है। अयोध्या में राम मंदिर नहीं बन पाने से उनके हृदय में पीड़ा है। उन्होंने कहा भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करना चाहिए। हिंदू राष्ट्र का मतलब मुसलमानों को भगाना नहीं है। मैं राम कथा करने जाती हूं तो रहीम और रसखान की चौपाई गाती हूं, एपीजे अबुल कलाम का वंदन करती हूं। गो हत्या के विरोध में टिप्पणी करने के मामले में साध्वी के खिलाफ केरल में गैर जमानती धारा में वारंट निकला है। मैंने न्यायालय में अपील की है। यकीन है कि गैर जमानती धारा हट जाएगी। मैं जून में फिर केरल जाऊंगी। केस मुकदमा से डरने वाली नहीं हूं। केरल सरकार को जो कार्रवाई करनी है, करे। उन्होंने कहा वे सनातन संदेश नामक धार्मिक संस्था संचालित करती हैं। गो सेवा वाहिनी नामक एंबुलेंस सेवा शुरू की है। अगली बार जमशेदपुर आएंगी तो गो एंबुलेंस सेवा शुरू करेंगी।