टाटा स्टील के पूर्व उपाध्यक्ष निरूप मोहंती ने कहा- टाटा स्टील समूह ने भूषण स्टील लिमिटेड का अधिग्रहण किया है। टाटा के शहर में रहने वाले हर इंसान को इससे निश्चित तौर पर खुशी होगी। आखिर टाटा समूह की जड़ें इसी शहर में गहरे तक समाई हुई हैं। टाटा स्टील आगे बढ़ती है तो इस शहर में सबको कुछ न कुछ फायदा जरूर होगा। आज नहीं तो कल।
कंपनी को मुनाफा होगा, तरक्की होगी तो इस शहर के विकास में होने वाले खर्च की राशि कुछ न कुछ जरूर बढ़ेगी। भूषण स्टील के अधिग्रहण के अनेक मायने हैं। कुछ साल पहले तक भारत में टाटा स्टील का उत्पादन दस मिलियन टन था। कलिंगा नगर में उत्पादन शुरू हुआ तो यह आंकड़ा तीन मिलियन टन बढ़ गया। मगर भूषण स्टील का भी पांच मिलियन टन का स्टील उत्पादन था। कंपनी के नाते स्टील मार्केट में उसकी भी हिस्सेदारी रही है। कुछ साल पहले तक भारत में भूषण, जिंदल, एस्सार, जेएसडब्ल्यू जैसी कंपनियों के साथ भी टाटा स्टील को व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा करनी पड़ रही थी।
अब भूषण स्टील अपनी हो चुकी है तो टाटा स्टील का स्टील बाजार में दायरा बढ़ चुका है। कोटेड शीट का भी भूषण स्टील में उत्पादन होता है। उसका बाजार भी टाटा स्टील की छतरी के तले आएगा। टाटा स्टील के वेंडर पार्टनर को भी नई जगह काम करने का मौका मिलेगा। टाटा स्टील के अफसरों को अवसर मिलेंगे ही, जैसा कि विमलेंदु झा को मिला है। वे कोरस स्टील को चला रहे हैं।
कंपनी का अधिग्रहण करने के पहले कई बातों का ध्यान रखना होता है। कंपनी की ब्रांड वैल्यू कैसी है? प्लांट कैसा है? मार्केट में कितनी दखल है? कर्मचारी कितने हैं? दक्ष हैं या नहीं? अगर वैसी कंपनी नए सिरे से स्थापित करनी होगी तो कितना निवेश होगा? इन सारी बातों का अध्ययन किया जाता है। टाटा स्टील ने भूषण स्टील लिमिटेड को लिया है तो गहराई से सर्वे हुआ होगा। भूषण स्टील में भी टाटा कल्चर आएगा, वह भी तेजी से आगे बढ़ेगी, हम सब भी।
निरूप मोहंती
भूषण स्टील के मानव संसाधन पर टाटा स्टील ने शुरू कराया अध्ययन
वीपी एचआरएम ने साहिबाबाद, अंगुल और खोपोली प्लांट के लिए विशेषज्ञ अफसरों को जवाबदेही दी
सिटी रिपोर्टर | जमशेदपुर
टाटा स्टील के शीर्ष प्रबंधन ने भूषण स्टील लिमिटेड के मानव संसाधन पर अध्ययन शुरू करा दिया है। टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट (एचआरएम) सुरेश दत्त त्रिपाठी ने स्टील प्लांट में मानव संसाधन की जरूरत पर गहरी समझ रखने वाले विशेषज्ञ अफसरों को भूषण स्टील के साहिबाबाद (यूपी), अंगुल (ओडिशा) व खोपोली (महाराष्ट्र) के प्लांट में भेजा है। भूषण स्टील के मानव संसाधन का अध्ययन करने के बाद जरूरत के मुताबिक टाटा स्टील से अफसरों को भेजा जाएगा।
भूषण स्टील लिमिटेड में 10 हजार अफसर एवं कर्मचारी कार्यरत हैं। भूषण स्टील का वर्क कल्चर टाटा समूह की कार्यपद्धति से बिल्कुल अलग है।
टाटा स्टील के मानव संसाधन विभाग की सोच है- भूषण स्टील लिमिटेड में टाटा कल्चर को गहराई तक स्थापित किया जाए। यही वजह है कि यहां से अफसर भूषण स्टील के प्लांट में गए हैं। अफसरों को निर्देश दिया गया है कि वे भूषण स्टील के शॉप फ्लोर से लेकर ऑफिस में कार्य करने के तौर तरीके का बारीकी से अध्ययन करें, कर्मचारियों के मिजाज को समझने का प्रयास करे। कहां तुरंत बदलाव की जरूरत है, यह भी देखने को कहा गया है। एचआरएम टीम की रिपोर्ट के आधार पर अागे की कार्रवाई की जाएगी।