ईश्वरचंद्र की कर्मभूमि पर पहुंचे संयुक्त सचिव
पंिडत ईश्वरचंद्र विद्यासागर की कर्मभूमि का अवलोकन करते संयुक्त सचिव।
भास्कर न्यूज | करमाटांड़
पंडित ईश्वरचंद्र विद्यासागर की कर्मभूमि करमाटांड़ स्थित मलिया बगान एवं उनके स्थल का भ्रमण करने शहरी विकास के जॉइंट सेक्रेटरी सह जामताड़ा नगर निकाय चुनाव के पर्यवेक्षक अरुण कुमार रतन एवं आय व्यय पर्यवेक्षक कंचन बरुआ ने शनिवार किया। पंडित ईश्वरचंद्र विद्यासागर की कई पुरानी स्मृतियों जैसे पंडित ईश्वरचंद्र विद्यासागर के निजी पलंग जिसपर वे सोते थे। भवन एवं उनके द्वारा लगाए गए आम के फलदार पेड़ आदि को देखकर अरुण कुमार रतन ने बताया कि यह एक ऐतिहासिक धरोहर है। जो लोगों को अपनी ओर प्रेरणा स्वरुप अपनी ओर खींचती है। पर्यटक स्थल के रूप में इसे भी दर्जा मिलना चाहिए। इस वर्ष सरकार के द्वारा सौंदर्यीकरण को लेकर खर्च भी किया गया है ।पंडित ईश्वरचंद्र विद्यासागर की पुरानी कथा के अनुसार माना जाता है कि उन्होंने यहां के लोगों को अपने जीवन के अंतिम 20 वर्ष आदिवासी समाज के सेवा के लिए गुजारे यहां के लोगों को कई महत्वपूर्ण शिक्षाएं एवं उपदेश दिए। प्रखंड क्षेत्र का नाम साइबर क्राइम में आए दिन काफी प्रचलित हो चुका है। परंतु विद्यासागर ने यहां के लोगों को शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण स्थान दिलाने का प्रयास किया था।