पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • कुपोषित बच्चों के लिए खुलेगा एमटीसी सेंटर

कुपोषित बच्चों के लिए खुलेगा एमटीसी सेंटर

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
कुपोषण रोकने के लिए सरकार द्वारा लगातार प्रयास किया जा रहा है। मगर जिला में कुपोषण अभिशाप के रूप में खड़ा है। गरीब एवं काफी पिछड़ा जिला होने के कारण यहां के सुदूर ग्रामीण क्षेत्र की माताऐं एवं शिशुओं को पर्याप्त मात्रा में पौष्टिक आहार नहीं मिल पाने के कारण बच्चे कुपोषण का शिकार हो रहे है। हलांकि सरकार ने कुपोषण रोकने के लिए जिले में एमटीसी सेंटर की स्थापना किया है मगर विभाग की लापरवाही के कारण सेंटर तक कुपोषित बच्चे पहुंच नहीं पा रहे है। अाज भी ग्रामीण क्षेत्रों में सैकड़ों बच्चे कुपोषिण का शिकर देखा जाता है। जिसमें चंद बच्चे ही सेंटर तक पहुंच पाते हैं। वह भी सिर्फ खानापूर्ति कर कुपोषित बच्चे को सेंटर में रखकर घर भेज दिया जाता है तथा आगे उसकी कोई खोज खबर तक विभाग द्वारा नहीं लिया जाता है। जिले के कुपोषित बच्चों का सही से इलाज हो सके और प्रखंड क्षेत्र में ही हो सके। इसके प्रति जिला के उपायुक्त आदित्य कुमार आनंद गंभीर है। उन्होंने जिले के कुंडहित प्रखंड में एक एमटीसी सेंटर खोलने की अनुशंसा किया है। इस संबंध में सिविल सर्जन डॉ बीके साहा ने सेंटर की स्वीकृति के लिए विभाग को पत्र लिखा है। सेंटर की स्वीकृति मिलने से फतेहपुर क्षेत्र के कुपोषित बच्चों का इलाज प्रखंड क्षेत्र में ही मिल सकेगा। ज्ञात हाे कि जिले के नाला, नारायणपुर एवं जामताड़ा सदर अस्पताल में कुपोषण उपचार केंद्र (एमटीसी) सेंटर का संचालन किया जा रहा है। इन सेंटर की बात करेें तो विभागीय बैठक में उपायुक्त द्वारा सेंटर संचालन में लापरवाही नहीं बरतने की हिदायत दी जाती है। मगर सेंटर के संचालन में विभागीय पदाधिकारियों का विशेष ध्यान नहीं दिया जाता है। कुपोषित बच्चे एमटीसी सेंटर तक नहीं पहुंच पा रहे है। जिस कारण कुपोषित बच्चे इलाज से वंचित हैं।

डीसी के निर्देश पर सीएस ने स्वास्थ्य विभाग को लिखा पत्र
सेंटर में दिया जाता है पौष्टिक भोजन
कुपोषण उपचार केंद्र में भर्ती हाेने वाले बच्चे को पौष्टिक भोजन 14 दिनों तक दिया जाता है। सुबह नाश्ता में दूध, दलिया, सूजी या उबला हुआ अंडा दिया जाता है। सुबह 11 बजे केला व दूध, दोपहर एक बजे भोजन में दाल, घी लगी रोटी, अंडा, चावल, सोयाबीन की सब्जी, चावल दही।

माताओं को दिया जाता है प्रतिदिन 200 रुपए
जिले में कुपोषित बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए राज्य पोषण मिशन के तहत जिला से लेकर प्रखंड तक कुपोषण उपचार केंद्र खोला गया है। सदर अस्पताल में 10 बेड, प्रखंड स्तर पर नारायणपुर में 10 बेड, नाला में 20 बेड, कुपोषित बच्चों के साथ उनकी माता भी 14 दिनों तक रहती है।

उपायुक्त के निर्देश पर कुंडहित सीएचसी में कुपोषण केंद्र खोलने का प्रस्ताव विभाग को भेजा गया है। पूर्व में यहां के बच्चों के लिए नाला के केंद्र में व्यवस्था की गई थी। परंतु दूरी अधिक होने के कारण बच्चों को लेकर परिजन नहीं पहुंच पाते हैं। विभाग से आदेश प्राप्त होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।\\\'\\\' -डॉ वीके साहा, सिविल सर्जन, जामताड़ा।

खबरें और भी हैं...