बंग संस्कृति मंच द्वारा शनिवार शाम को गांधी मैदान जामताड़ा के प्रांगण में कवि गुरु रवींद्रनाथ टैगोर तथा विद्रोही कवि काजी नजरुल इस्लाम के स्मरण में एक बंगला संगीत अनुष्ठान का आयोजन किया गया। सबसे पहले कवि गुरु एवं काजी नजरुल के सम्मान में उन्हें पुष्प अर्पित किया गया। बांग्ला साहित्य एवं संस्कृति के क्षेत्र में उनके योगदान को स्मरण कर वक्ताओं ने अपने विचारों को रखा। इस दौरान मुख्य अतिथि के रुप में नपं अध्यक्ष रीना कुमारी एवं पूर्व अध्यक्ष वीरेंद्र मंडल उपस्थित थे। मौके पर पूर्व नपं अध्यक्ष वीरेंद्र मंडल है बांग्ला भाषा में दर्शकों को संबोधित करते हुए कार्यक्रम की सराहना की देर रात तक नृत्य-संगीत का आनंद उठाया। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम हर साल होनी चाहिए। स्थानीय कलाकारों के द्वारा रवींद्र संगीत एवं नजरुल गीत से अनुष्ठान का शुभारंभ किया। बाहर से आए कलाकारों द्वारा बांग्ला गीत एवं संगीत प्रस्तुत किया गया। कलाकारों द्वारा प्रस्तुत गीत एवं संगीत से सबका मन मोह लिया। अनुष्ठान के अंत में बंग संस्कृति मंच के अध्यक्ष विजन सरखेल ने सभी सदस्यों एवं उपस्थित सभी दर्शकों को अनुष्ठान को सफल बनाने के लिए धन्यवाद दिए। उन्होंने बांग्ला भाषा तथा संस्कृति के उत्थान के लिए सभी को आह्वान किए। कार्यक्रम के सफल संचालन में सचिव चंडीदास पुरी, लालटू सरखेल, दीप्ति विराज पाल, मिहिर साधु, आलोक सरखेल, अरूप मित्रा, देवजीत सरखेल, अनूप सरखेल, सुनील, उज्जवल राय, बबलू दुबे, राजीव मिश्रा, कौशिक चक्रवर्ती, शिवनाथ घोष, निखिल मंडल, करालीचरण, दिवाकर मंडल, सुजय सरकार, चिन्मय कविराज, स्वपन माझी, सोमनाथ गोन आदि के सराहनीय योगदान रहा।
कार्यक्रम के दौरान गीत प्रस्तुत करती कलाकार।
कार्यक्रम का आनंद लेते लोग।