भास्कर न्यूज|नाला/बिन्दापाथर
एक महीना तक चलनेवाली वैशाखी कीर्तन का कुंज विलास के साथ समापन हो गया। परंपरा के अनुसार क्षेत्र में बांग्ला नया साल शुरू होते ही एक महीना तक बैशाखी कीर्तन का आयोजन ग्रामीणों द्वारा किया जाता है। कीर्तन अनुष्ठान को नगर कीर्तन के नाम से भी जाना जाता है। जो बैशाख माह के अंत यानी जयेष्ठ माह के प्रारंभ में कुंज विलास का दौर शुरु हो गया। क्षेत्र के मंझलाडीह, जलांई, बिन्दापाथर, हरिराखा, डुमरिया, नाला, मोहनबॉक, मोहजुड़ी, कुलडंगाल, वड़वा, ढाड़, बाघमारा समेत सभी छोटे बड़े गांव में बैशाख की पहली तिथि से इस अनुष्ठान का आयोजन किया गया था जिसका समापन्न हुआ। रविवार को डुमरिया पंचायत के हरिराखा गांव में ग्रामीण कीर्तन मंडली इस धार्मिक कार्यक्रम के लिए ढोलक, मृदंग, खोल, करताल, बांसुरी आदि वाद्ययंत्र के साथ गांव का मंदिर में कीर्तन का प्ररंभ किया गया जो संपूर्ण गांव का भ्रमण कर कुंज विलास हुआ। इस दरम्यान भगवान श्रीकृष्ण और गौरांग महाप्रभु से संबंधित गीत के साथ झुमते हुए हर कोई भाव विभोर हो उठते हैं। निताई-गौर एकबार एसो हे,आई देखी मन मिलिए दूजन हरिनामेर हार गांथी रे आदि प्राचीन गीत गाते हुए कीर्तन मंडली और साथ चल रहे श्रोता भक्त भी झुम उठते हैं। इस कीर्तन का दर्शन श्रवण के लिए गांव के सभी लोग निकले हैं तथा भक्तिपूर्ण प्रणाम के साथ गांव समाज की मंगल कामना करते हैं। कार्यक्रम के अंत में कच्चा चना, खीरा, फल आदि प्रसाद के रूप में वितरण किया गया। मौके प्रियजीत पांडे, जगन्नाथ पांडे, रवि पांडे, सूरज पांडे, राजकुमार, मिठुन, पिन्टु, राहुल, अमन, मानिक, अप्पु, ओमनाथ, सौरभ, बद्रीनाथ, सोमनाथ, रुपेश पांडे आदि थे।
पाला कीर्तन में भजन करते कलाकार।
राशि टोला में यज्ञ
का आयोजन
जामताड़ा|जामताड़ा प्रखंड अंतर्गत बेवा राशि टोला में दो दिवसीय छठियार एवं कराम यज्ञ का आयोजन किया गया। अनुष्ठान कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में जिला परिषद सदस्य जिमोली बास्की, झाविमो जिलाध्यक्ष प्राे सुनील कुमार हांसदा, बेवा पंचायत के मुखिया तारामणि मरांडी संयुक्त रुप से फीता काटकर शुभारंभ किया। छठियार एवं काराम के गुरु निरसा चैनपुर धनबाद से आए कृष्ण शंकर टुडू द्वारा संपन्न कराया गया। इस अवसर पर प्राे सुनील कुमार हांसदा ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम से सभ्यता संस्कृति का पता चलता है। मौके पर कराम नृत्य, बाहा नृत्य, गोलवारी दौड़ आदि का आयोजन किया गया। इस अनुष्ठान का आयोजन प्रमुख रुप से संथाली साहित्यकार कृष्ण कुमार मुर्मू दिनेश हेंब्रम, मांझी बाबा परेश हेंब्रम, जोक मांझी रविंद्र किस्कु, मानिक लाल हेंब्रम, गोडैत विनोद मुर्मू, जय किशोर मरांडी, बाबू धन मरांडी, प्रीतम हेंब्रम सहित ग्रामीण मौजूद थे।