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बंगाल में झारखंड के मरीजों का नहीं किया जा रहा इलाज

3 वर्ष पहले
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इलाज के लिए बंगाल के सिउड़ी सदर अस्पताल जाने वाले झारखंड के मरीजों को अस्पताल बिना इलाज के लौटा दे रहा है। सिउड़ी सदर अस्पताल के रवैये से गरीब तबके के मरीजों में असमंजस की स्थिति है। जामताड़ा जिले के कुंडहित, नाला, फतेहपुर के अलावा दुमका जिले के मसलिया, रानेश्वर आदि प्रखंडों के मरीज ज्यादातर सिउड़ी अस्पताल पर इलाज के लिए निर्भर रहते हैं। पहले कभी इस प्रकार का वाक्या सामनें नही आया था। लेकिन पिछले एक पखवाड़े से सिउड़ी अस्पताल प्रबंधन द्वारा झारखंड के मरीजों को अस्पताल में भर्ती नहीं किया जा रहा है। जिससे क्षेत्र के लोग काफी परेशान हैं। जानकारी के अनुसार बागडेहरी के अक्षय राय, खाजुरी के विमल राय बुधवार को इलाज के लिए सिउड़ी अस्पताल गए थे। इलाज के दौरान जब भर्ती होने की बात हुई तो अस्पताल प्रबंधन ने झारखंड का निवासी बताकर उन्हें भर्ती लेने से इंकार कर दिया। पूछने पर अस्पताल कर्मियों ने बताया कि उन्हें ऊपर से आदेश मिला है कि झारखंड के रोगियों को भर्ती नहीं किया जाएगा। काफी कहने सुनने के बाद भी मरीजों को भर्ती नहीं किया गया। जिस कारण मरीजों को बगैर इलाज के ही वापस लौटना पड़ा।

कुंडहित के सीपीआई के जिला सचिव सह नाला विस के पूर्व प्रत्याशी कन्हाई माल पाहाड़िया ने कहा कि बागडेहरी के अक्षय राय के साथ हुए वर्ताव के बाद झारखंड सरकार को भी चेतने की जरुरत है। मरीज के साथ राजनीति करने का कोई मतलब नहीं होता। मरीज भारत के किसी भी राज्य में अपनी इलाज करा सकता है। झारखंड सरकार को भी कुंडहित के बंगाल सीमा को बंद करने की जरुरत है ताकि बंगाल की सरकार को झटका लगे। कुंडहित प्रखंड बंगाल के सीमा क्षेत्र में सटा हुआ है। एेसे में ग्रामीण किसी भी काम से बंगाल जाते हैं। कई ऐसे ग्रामीण है, जिनके बाल-बच्चें बंगाल में पढ़ते हैं। ऐसी स्थिति हो जाय कि बंगाल में झारखंड के मरीज की इलाज नहीं होगी, पढ़ाई नहीं होगी, व्यापार नहीं होगा तो झारखंड को भी कड़े कदम उठाने की जरुरत है।

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