दिव्यांगों को चिह्नित कर मतदाता सूची में जुड़ेगा नाम
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के निर्देश पर बुधवार को समाहरणालय सभागार में जिला स्तरीय विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। विचार गोष्ठी की अध्यक्षता डीडीसी रामाशंकर प्रसाद ने किया। उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रजातांत्रिक व्यवस्था में सभी तरह के मतदाताओं की सहभागिता सुनिश्चित हो इसके लिए सरकार के साथ सभी को प्रय|शील होने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के तहत जिले के सभी दिव्यांग मतदाताओं को चिह्नित कर उनका नाम मतदाता सूची में जोड़ना है और उन्हें सभी प्रकार की सरकारी सुविधा भी प्रदान करना है। कहा कि प्रजातांत्रिक व्यवस्था में दिव्यांग मतदाताओं की अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित करने को अलग सूची तैयार करने तथा मूक बधिर विद्यालय जैसे स्थल चिह्नित कर ऐसे मतदाताओं का पता लगाना है ताकि अधिक मतदाता होने पर मतदान केंद्र भी अलग व्यवस्थित किया जा सकें। कहा कि चुनाव आयोग ने अधिक दिव्यांग मतदाता होने की स्थिति में विशेष मतदान केंद्र बनाने की दिशा में भी पहल करने का निर्देश दिया। कार्य को अमलीजामा पहनाने के लिए जिला स्तरीय कंसलटेशन टीम गठित करने का निर्णय लिया गया। टीम के माध्यम से जिले के दिव्यांग मतदाताओं को चिह्नित करने के साथ सुविधा विस्तार पर भी विचार किया जाएगा। मौके पर उप निर्वाचन पदाधिकारी रामवृक्ष महतो ने योग्य दिव्यांग नागरिकों को चिह्नित करने के बाबत जानकारी देते हुए कहा कि ऐसे मतदाताओं को चिह्नित करने के लिए सबसे पहले दिव्यांग एवं उनके दिव्यांगता के प्रकार को चिह्नित करना है। मौके पर अपर समाहर्ता विधानचंद्र चौधरी, एसडीओ नवीन कुमार, डीईओ नारायण विश्वास, सचिव रेडक्रास राजेन्द्र शर्मा, डॉ. डीके अखौरी आदि थे।
जिला स्तरीय विचार गोष्ठी में शामिल पदाधिकारी।
मतदान केंद्रों में विश्राम कक्ष, व्हील चेयर व ब्रेल लिपि की होगी व्यवस्था
जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि मतदान केंद्रों में दिव्यांग के आधार पर रैम्प, ब्रेल लिपि, अलग कतार, शेड व्हील चेयर, विश्राम कक्ष आदि की व्यवस्था करना है। चुनाव समीप आने के बाद बीएलओ को दिव्यांग मतदाताओं के लिए विशेष सुविधा चिह्नित करना है तथा चुनाव प्रशिक्षण के दौरान बीएलओ, पीठासीन तथा मतदान पदाधिकारी, सुरक्षा कर्मी आदि को भी दिव्यांग को विभिन्न सहयोग देने की जानकारी देना है। कहा कि भारत निर्वाचन आयोग का निर्देश है कि क्षेत्र के अधिक से अधिक दिव्यांग को मतदाता सूची से जोड़ा जाय। उनका उनका नाम मतदाता सूची में होना चाहिए। साथ ही मतदान के लिए उन्हें जागरूक करने की जरूरत है। वही दिव्यांग मतदाताओं को मतदान केंद्र तक जाने और आने की सुविधा को भी नजर में रखने की जरूरत है। कहा कि पूर्व से भी दिव्यांग को मतदान को ले कई सुविधा मिलता है। लेकिन भारत निर्वाचन आयोग इसमें बेहतर करना चाह रहीं है। सभी को मिलकर पहले दिव्यांग को चिन्हित करना है। कहा कि इस बात का भी ध्यान रखना है कि अगर किसी जगह पर अधिक संख्या में दिव्यांग है तो वहां अलग से मतदान केंद्र बनाया जा सकता है। लेकिन इसकी जानकारी कम से कम 6 माह पहले बीएलओ को देना होगा।