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बाल श्रम में जुर्माना के साथ हो सकता है जेल भी : अंजु

3 वर्ष पहले
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स्कूली बच्चों को बाल अधिकार की जानकारी देती अधिकारी।

जिला बाल संरक्षण इकाई ने बाल अधिकार और बाल संरक्षण को लेकर किया जागरूक

सिटी रिपोर्टर| जामताड़ा

जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा मिहिजाम राजकीय बुनियादी विद्यालय में बाल अधिकार एवं बाल संरक्षण को लेकर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी अंजू पोद्दार ने किया। जागरूकता कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी अंजू पोद्दार ने बाल संरक्षण एवं बाल अधिकार पर विशेष रूप से जानकारी साझा किया। उन्होंने कहा कि बाल श्रम कराना गैरकानूनी है। छोटे-छोटे बच्चों को जिनकी उम्र स्कूल जाने की है। वैसे बच्चें जो गैरेज, होटल विभिन्न प्रतिष्ठान एवं घरों में भी काम कराना गैरकानूनी है। बाल श्रम कराने वाले को जुर्माना व जेल जाना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार बच्चों के उज्जवल भविष्य को लेकर विभिन्न प्रकार की योजनाएं चला रही है। जिसका पालन लोगों के सहयोग से ही हो सकता है कहा कि शिक्षा का अधिकार विकास का अधिकार जीने का अधिकार सहभागिता का अधिकार बच्चों को दिया गया है। कहा कि 14 वर्ष तक के बच्चों को शिक्षा के अधिकार के तहत अनिवार्य शिक्षा देने का प्रावधान है। अगर कोई बच्चा परेशानी में है तो चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 कॉल कर अपनी समस्या को बता सकते हैं। कहा कि बच्चे किसी भी प्रकार से किसी भी प्रकार के लालच में नहीं आए। स्कूल के शिक्षकों से कहा कि विद्यालय में देर से आने वाले बच्चों पर विशेष ध्यान रखे एवं ऐसे बच्चों पर भी नजर रखें जो विद्यालय आते है। मौके पर जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी ने कहा कि जिले में कहीं भी बाल श्रमिक के संबंध में किसी को कोई जानकारी मिले तो जरुर सूचना दें। ताकि वैसे बच्चों का भविष्य बर्बाद होने से बच सकें। उन्होंने लोगों से भी आग्रह किया कि घरों में बच्चों से बाल श्रम न करवाएं कार्यक्रम में मुख्य रूप से वार्ड पार्षद विष्णुदेव मुर्मू, रूपा कुमारी, सुनीता कुमारी, तारा कुमारी, सुखमय मुखर्जी सहित अन्य मौजूद थे।

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