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1018 स्कूलों में एमडीएम अब गैस चूल्हा पर बनेगा, कनेक्शन के लिए मिला 1.59 करोड़

3 वर्ष पहले
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देश को प्रदूषण मुक्त करने के लिए प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत महिलाओं को मुफ्त रसोई गैस कनेक्शन दिया जा रहा है। ताकि, भोजन बनाने में महिलाओं को किसी तरह की परेशानी न हो और धुआं से बच सकें। इसी कड़ी में सरकार ने जिले के सरकारी स्कूलाें में रसाेई गैस कनेक्शन के लिए राशि उपलब्ध करा दी है। इस व्यवस्था के प्रारंभ होने से सरकारी स्कूलों में मध्याह्न भोजन बनाने में अब चूल्हा फूंकने की जरूरत नहीं होगी। जिले के सभी स्कूलों में गैस चूल्हा खरीदने के लिए जिला शिक्षा अधीक्षक अभय शंकर ने राशि उपलब्ध करा दिया है। जिला शिक्षा अधीक्षक के अनुसार जिला के 1018 स्कूल के लिए 1 करोड़ 59 हजार 100 रुपए विद्यालय प्रबंधन समिति के बैंक खाता में उपलब्ध करा दिया गया है। प्रखंडवार स्कूलों को भेजे गए गैस चूल्हा खरीद बजट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि आगामी एक पखवाड़े के अंदर ही गैस चूल्हों की खरीद करना सुनिश्चित किया जाए। ताकि बच्चों को सरकारी स्कूलों में उपलब्ध करवाए जाने वाले मिड डे मील में कोई दिक्कत नहीं आए। हालांकि अबतक किसी भी विद्यालय के समिति ने गैस कनेक्शन नहीं लिया है। राशि मिलने के बाद भी जिले के सरकारी स्कूल में अभी भी कोयला और लकड़ी के चूल्हे पर मध्याह्न भोजन बनाया जा रहा है। सरकारी स्कूलों में रसोई गैस की कोई व्यवस्था नहीं है।

किस दिन एमडीएम में क्या खिलाना है बच्चों को

सोमवार को अल्प मध्यांतर में एक उबला अंडा, एक सेव, केला, मध्याह्न भोजन में चावल, दाल एवं हरी सब्जी, मंगलवार को अल्प मध्यांतर में मूढ़ी, अंकुरित चना एवं गुड़, मध्याह्न भोजन में चावल, छोला एवं चना की सब्जी, बुधवार को अल्प मध्यांतर में एक उबला अंडा, एक सेव, केला, मध्याह्न भोजन में वेज पुलाव, हरी सब्जी व सोयाबड़ी, चावल, दाल एवं हरी सब्जी, गुरुवार को अल्प मध्यांतर में दो बिस्किट, मध्याह्न भोजन में चावल, दाल व हरी सब्जी, शुक्रवार को अल्प मध्यांतर में एक उबला अंडा, एक संतरा, केला, मध्याह्न भोजन में चावल, दाल एवं हरी सब्जी, शनिवार को मध्याह्न भोजन में खिचड़ी, फ्राइड राइस, हरी सब्जी, सोयाबीन बड़ी, पालक युक्त तथा आचार एवं पापड़ खिलाना है। इतना ही नहीं सप्ताह में एक दिन उबला अंडा के स्थान पर अंडा कड़ी देना है।

विद्यालय में प्रतिष्ठित गैस एजेंसी द्वारा अच्छी क्वालिटी का गैस चूल्हा, रेग्युलेटर और पाइप क्रय सरस्वती संचालन समिति के द्वारा क्रय करने का निर्देश दिया गया है। इसके लिए जिला के 1018 स्कूल के लिए 1 करोड़ 59 हजार 100 रुपए विद्यालय प्रबंधन समिति के बैंक खाता में उपलब्ध करा दिया गया है। प्रखंडवार स्कूलों को भेजे गए गैस चूल्हा खरीद बजट में स्पष्ट किया गया है कि एक पखवाड़े के अंदर गैस चूल्हों की खरीद करना सुनिश्चित किया जाएगा। अभय शंकर, जिला शिक्षा अधीक्षक, जामताड़ा।

कोयले के चूल्हे पर खाना पकाने में होती है देरी : अभी सरकारी स्कूलों में कोयला के माध्यम से मध्याह्न भोजन पकाया जाता है। इससे निकले धुआं से स्कूली बच्चों को काफी परेशानी होती है। धुआं के कारण बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ता है। साथ ही भोजन भी समय पर नहीं पकता है। अभिभावकों की भी शिकायत है कि कोयले के चूल्हे पर मध्याह्न भोजन पकाने से बच्चों को देरी से खाना मिलता है।

जिले के 1018 स्कूलों में बनता है मध्याह्न भोजन : जिले के 1018 स्कूलों में मध्याह्न भोजन बनता है। इसमें सहायता प्राप्त स्कूल, मदरसा और उच्च विद्यालय शामिल हैं। जिसमें जामताड़ा प्रखंड में 179, नारायणपुर में 219, नाला में 217, करमाटांड़ में 125, फतेहपुर में 136, कुंडहित में 135 विद्यालय है। इन विद्यालयों में से यूएचएस 46 है। एमएस, यूएमएस और आरएमएस की संख्या 398 है। पीएस, एनपीएस एंड यपूीएस 567 है।

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