जमुआ | एकीकृत झारखंड प्रदेश पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा के प्रखंड अध्यक्ष मनोज बर्मा ने बयान जारी कर बताया कि डीएसई की ओर से जारी पत्रांक 18मई, 2018 के द्वारा प्रखंड संसाधन केंद्र में दैनिक मजदूरी पर कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटरों को हटाने का आदेश निंदनीय है। ज्ञात हो इन्हीं दैनिक भोगी कर्मियों से विभाग रात-दिन काम करवा कर विभाग के कार्यों का निष्पादन करती है। पारा शिक्षकों का मानदेय जिला में आने पर ससमय डिस्पैच किया जा पा रहा है। प्रखंड संसाधन में मानव संसाधन का घोर अभाव है। एक स्थानीय नौजवान को सेवा मुक्त करने का फरमान समझ से परे है। झारखंड का प्रशासन और सरकार स्थानीय लोगों के साथ दूध की मक्खी जैसा व्यवहार कर रही है जो बर्दाश्त से बाहर है। यदि यह पत्र निरस्त नहीं किया गया तो दैनिक भोगी कंप्यूटर ऑपरेटरों के पक्ष में संघर्ष मोर्चा सड़क पर उतर कर आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।