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मनरेगा स्कीम स्थल पर बगैर बोर्ड लगाए काम, जांच की मांग

3 वर्ष पहले
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झारखंड धाम | जमुआ प्रखंड बीस सूत्री सदस्य डा दशरथ प्रसाद वर्मा ने विभिन्न पंचायतों में संचालित मनरेगा कार्य योजन पर सवाल उठाया है और इसकी जांच की मांग जिला प्रशासन से की है। कहा है कि मनरेगा की अधिकांश योजनाओं पर साइन बोर्ड नहीं लगा है। जिससे यह नहीं पता चल पाता है कि किस मद की योजन है या फिर कितनी राशि से इसका निर्माण होना है। इसके अलावा मनरेगा मजदूरी, मेठ, मजदूरों के लिए पानी की व्यवस्था, शेड की व्यवस्था, काम करने वाले मजदूरों के लिए फर्स्ट एड की व्यवस्था समेत कि अन्य जानकारियों को लोगों को नहीं मिल पाता है। बीस सूत्री सदस्य डा दशरथ प्रसाद वर्मा ने कहा कि किसी भी प्रकार कि योजन हो सभी कार्य स्थल पर योजन का नाम, बोर्ड, प्राक्कलित राशि, मेठ का नाम कार्य स्थल पर बोर्ड में अंकित होना अनिवार्य है। योजनाओं का निर्माण जैसे तैसे पूरा कर बिचौलिया पंचायत सेवक व रोजगार सेवक की मिलीभगत से भुगतान हो जाता है। कहा है कि वर्तमान में सबसे बड़ा लूट मनरेगा में चल रहा है। लेकिन इसका डर लोगों को तनिक भी नहीं है। कम्प्यूटर ऑपरेटर से लेकर रोजगार सेवक तक इस गड़बड़ी में शामिल हैं। कई ऐसे भी पंचायत है जहां पर बिचौलिए के मध्यम से मनरेगा में जेसीबी का प्रयोग धड़ल्ले से किया जा रहा है और फिर रोजगार व बीपीओ की मिलीभगत से फर्जी मास्टर रोल तैयार कर भुगतान कर दिया जाता है। बीते दिनों डोभा निर्माण में भी ऐसा ही खेल हुआ।

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