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हाल पूछने न कोई प्रशासनिक अधिकारी आया, न हलका विधायक, न कोई मंत्री

3 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज | जंडियाला गुरु

पंजाब स्टेट गल्ला मजदूर यूनियन की ओर से ठेकेदारों और पंजाब सरकार के खिलाफ दिया जा रहा धरना आज 15वें दिन में शामिल हो गया। इन 15 दिनों में न कोई प्रशासनिक अधिकारी हाल पूछने आया और न ही कोई नेता व मंत्री। मजदूर जो कि इस समय रोटी-पानी से मोहताज हो गए है, सब-कुछ छोड़कर अपनी मांगें मनवाने के लिए धरने पर बैठ गए हैं। बड़ी संख्या में मजदूर सुबह आते हैं, रोटी-पानी खाते हैं और देर शाम को उठ कर चले जाते हैं, कि शायद सरकार उनकी सुनेंगी। लेकिन अब तो उनका सरकार से भी भरोसा उठ गया है। यह विचार यूनियन के वाइस प्रधान हीरा सिंह, महिंदर सिंह, जै सिंह ने व्यक्त किए।

यूनियन के लोगों ने बताया कि ठेकेदार कई सालों से लूट रहे हैं। मेहनत वे करते हैं पर इसका फायदा ठेकेदार ले रहे हैं। वह घपले करके हमारा फंड इंश्योरेंस के पैसे खा रहे है। उन्होंने कहा कि 9-09-2016 को संगरूर मंडी में मुख्य मंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पल्लेदार यूनियन के सारे मजदूरों के साथ वादा किया था कि अगर मजदूर कांग्रेस सरकार को वोट डाल कर जिताएंगे तो फूड एजेंसियां में ठेकेदारी की प्रथा बंद कर दी जाएगी और मजदूर को पेमेंट सीधी मिलेगी। यूनियन नेताओं ने कहा कि आज एक साल कैप्टन सरकार को बने हुए हो गया है पर कैप्टन सरकार अपना वादा भूल रही है। इसलिए हड़ताल करके उनका किया हुआ वादा याद दिला रहे हैं। स्पेशल भरने की मजदूरी एफसीआई को 1200 मिलती है और गल्ला मजदूर को दिहाड़ी 120 मिलती है। उन्होंने कहा कि 2019 में इस का जवाब हम कैप्टन सरकार को आने वाली इलेक्शन में देंगे।

गल्ला मजदूर यूनियन ने पंजाब सरकार और ठेकेदारों के खिलाफ लगाया धरना।

‘बात करने के लिए सोमवार को उन्हें दफ्तर बुलाया है।’

एडीसी रमिंदर सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि उन्होंने उन लोगों को सोमवार दफ्तर बुलाया है, जो भी इनका मसला है उसे देखकर उच्च अधिकारियों से बातचीत करेंगे ।

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