फूड सप्लाई अफसरों से गेटपास और ट्रकों की फुटेज कब्जे में ले विजिलेंस
भास्कर न्यूज | जंडियाला गुरु
गांव गहरी मंडी के सरपंच मनजिंदर सिंह भीरी ने आरोप लगाया है कि वीरू मल मुल्खराज राइस मिल के 52 करोड़ के सरकारी धान घोटाले में सिर्फ शैलर मालिक ही दोषी नहीं है बल्कि विभाग के अधिकारी भी पूरी तरह से इसमें शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अकेला शैलर मालिक 400 ट्रक कैसे बेच सकता है, यह एक बड़ा सवाल है और सिर्फ शैलर मालिक पर मामला दर्ज करना भी कई सवाल खड़े करता है। यह सब विभाग अपने अधिकारियों को बचाने के लिए ही कर रहा है। उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारी कह रहे हैं कि 400 ट्रक सरकारी धान 10 से 15 दिनों में ही शैलर से गायब कर दिया गया, जबकि असलियत कुछ और ही है। उन्होंने कहा कि असल में यह धान शैलर में लगाया ही नहीं गया है। अगर लगाया गया है तो विभागीय अधिकारी ट्रक पास जगजाहिर करें और विजिलेंस विभाग इन ट्रक पास को अपने कब्जे में ले। इतना ही नहीं अगर ट्रक बाहर या अंदर आए हैं तो टोल प्लाजा से भी जरूर निकले होंगे, इसलिए विजिलेंस विभाग उन सबकी डिटेल और सीसीटीवी भी चेक करे, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। वहीं उन्होंने कहा कि फूड सप्लाई विभाग द्वारा विजिलेंस विभाग को पूरा रिकॉर्ड न दिया जाना भी इसकी ओर इशारा करता है, इसमें गोलमाल है। सरपंच भीरी ने कहा कि पहले ही विभाग के भ्रष्ट अधिकारी आटा दाल स्कीम में घपलेबाजी कर करोड़पति बन गए हैं और यह गरीबों का अनाज गरीबो में बांटने की बजाए मार्किट में बेचने के साथ ऐसे भाव करते हैं जैसे कि इनकी घर की खेती की फसल है। विभाग द्वारा 4 -5 इंस्पेक्टरों द्वारा बनाई गई करोड़ों की बेनामी जायदादों की जांच भी विजिलेंस को करनी चाहिए।
सरपंच मनजिंदर सिंह भीरी।
पुख्ता सुबूत हैं तो कार्रवाई जी जाएगी : एसएसपी
एसएसपी विजिलेंस से जब बात की गई तो उन्होंने बताया कि वह अभी चंडीगढ़ में हैं। मामले की जांच कर रहे हैं, अगर सरपंच इस बारे में कुछ कहना चाहते हैं तो वह उनसे दफ्तर में आकर मिल सकते हैं। इस संबंधी पुख्ता सबूत उन्हें दें, ताकि वह कार्रवाई कर सके।