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10 हजार नहीं चाहते उज्ज्वला का फ्री कनेक्शन, मांगा मिट्टी तेल ही

3 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज | जांजगीर-चांपा

आश्चर्य किंतु सत्य है कि जिले के दस हजार लोगों ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना में दिया जाने वाले गैस कनेक्शन को फ्री में भी लेने से इनकार कर दिया है। वे सिलेंडर लेने के बजाय 25 रुपए में मिलने वाला मिट्टी तेल ही लेना चाहते हैं। यह चौकाने वाला तथ्य खाद्य विभाग के सर्वे में सामने आया है। इसके बाद विभागीय अधिकारियों ने शासन से सिलेंडर के साथ मिट्टी तेल देने का भी पत्र लिखा पर सरकार ने इस मांग को अस्वीकार कर दिया है।

गरीब महिलाओं को धुआं में खाना न बनाना पड़े इसके लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना शुरू की है। इसमें मात्र 200 रुपए में गैस कनेक्शन दिया जा रहा है। इसका प्रचार प्रसार भी खूब किया जा रहा है, चुनाव में इसे प्रमुख मुद्दा भी बनाया जाएगा। भाजपा का हर नेता सभी सार्वजनिक मंचों पर इसका बखान भी कर रहे हैं, पर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में इसका असर कम ही दिख रहा है।

गैस सिलेंडर देने के बाद उस परिवार को मिलने वाला मिट्टी तेल बंद कर दिया जा रहा है। इसलिए लोगों का रुझान सिलेंडर लेने में नहीं है। उज्ज्वला योजना के तहत पिछले दाे साल में 1 लाख 43 हजार गैस सिलेंडर बांटे जा चुके हैं। वर्ष 2016-17 में 81 हजार तथा वर्ष 2017-18 में 62 हजार लोगों को कनेक्शन बांटा गया है।

डिमांड पर अधिकारियों ने की मिट्टी तेल की मांग, सरकार ने कर दिया खारिज

फिर भी कम नहीं हो रही मिट्टी तेल की खपत, कालाबाजारी जोरों पर

उज्जवला गैस बांटने के बाद मिट्टी तेल की खपत कम हो जानी चाहिए पर जिले में मिट्टी तेल की खपत कम हो नहीं रही है। इससे काला बाजारी की आशंका है। जुलाई 17 में 5 लाख 40 हजार लीटर मिट्टी तेल की डिमांड थी, नौ माह बाद मई माह में यह डिमांड 4 लाख 68 हजार लीटर है। यानि मात्र 72 हजार लीटर कम हुआ। औसतन इस अवधि में 1 लाख 24 हजार लीटर मिट्टी तेल की सप्लाई कम होनी चाहिए थी क्योंकि पिछले साल 62 हजार सिलेंडर बांटे गए। इस हिसाब से खपत में कमी अानी थी।

भास्कर न्यूज | जांजगीर-चांपा

आश्चर्य किंतु सत्य है कि जिले के दस हजार लोगों ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना में दिया जाने वाले गैस कनेक्शन को फ्री में भी लेने से इनकार कर दिया है। वे सिलेंडर लेने के बजाय 25 रुपए में मिलने वाला मिट्टी तेल ही लेना चाहते हैं। यह चौकाने वाला तथ्य खाद्य विभाग के सर्वे में सामने आया है। इसके बाद विभागीय अधिकारियों ने शासन से सिलेंडर के साथ मिट्टी तेल देने का भी पत्र लिखा पर सरकार ने इस मांग को अस्वीकार कर दिया है।

गरीब महिलाओं को धुआं में खाना न बनाना पड़े इसके लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना शुरू की है। इसमें मात्र 200 रुपए में गैस कनेक्शन दिया जा रहा है। इसका प्रचार प्रसार भी खूब किया जा रहा है, चुनाव में इसे प्रमुख मुद्दा भी बनाया जाएगा। भाजपा का हर नेता सभी सार्वजनिक मंचों पर इसका बखान भी कर रहे हैं, पर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में इसका असर कम ही दिख रहा है।

गैस सिलेंडर देने के बाद उस परिवार को मिलने वाला मिट्टी तेल बंद कर दिया जा रहा है। इसलिए लोगों का रुझान सिलेंडर लेने में नहीं है। उज्ज्वला योजना के तहत पिछले दाे साल में 1 लाख 43 हजार गैस सिलेंडर बांटे जा चुके हैं। वर्ष 2016-17 में 81 हजार तथा वर्ष 2017-18 में 62 हजार लोगों को कनेक्शन बांटा गया है।

उज्ज्वला दिवस पर मांगी जानकारी तो आया सच

अप्रैल में उज्जवला दिवस मनाया गया। खाद्य विभाग द्वारा जिले के सभी गांवों के सचिवों से जानकारी मागी गई कि उनके गांवों में जो भी गैस सिलेंडर के लिए पात्र हैं उनका नाम दें तो सचिवों ने एफओ को बताया है कि महिलाएं सिलेंडर नहीं लेना चाहती हैं। ऐसी महिलाओं की संख्या जिले भर में 10 हजार है। सिलेंडर नहीं लेने का कारण अधिक कीमत व समय पर सप्लाई नहीं मिलने को बताया जा रहा है।

नहीं घटी डिमांड

10 महिलाओं ने किया सिलेंडर लेने से इनकार।

1 लाख 24 हजार ली. मिट्‌टी तेल की सप्लाई होनी थी कम।

72 हजार लीटर मिट्‌टी तेल की हुई कम।

सचिवों से जानकारी मांगी गई थी, जिसमें 10 हजार महिलाओं ने गैस सिलेंडर लेने से मना कर दिया है, वे मिट्टी तेल मांग रही हैं। विभागीय अधिकारियों ने भी सरकार को स्थिति से अवगत कराते हुए सिलेंडर के साथ मिट्टी तेल देने के लिए पत्र व्यवहार किया था, लेकिन सरकार ने मना कर दिया है। \\\'\\\' केके घोरे, जिला खाद्य अधिकारी जांजगीर-चांपा

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