भास्कर न्यूज | जांजगीर-चांपा
गर्मी में निस्तारी के लिए नहर में छोड़े गए पानी का उपयोग यदि आप पीने या खाना बनाने के लिए कर रहे हैं तो सतर्क रहिए। यह पानी प्रदूषित हो गया है, इसका उपयोग आपके स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं। बीमारी हो सकती है। बांगों बांध से जिले की नहरों में पानी दिया जा रहा है, हालांकि इसका उपयोग केवल निस्तारी करने व सूख चुके तालाबों को भरने के लिए करने की अपील लगातार की जाती है, लेकिन नहर किनारे रहने वाले लोग इस पानी का उपयोग खाना बनाने व पीने तक के लिए करने लगते हैं।
पानी कोरबा के बांगो डेम से आता है। इतनी दूरी से पानी आने के कारण कई बार पानी में डेड बॉडी, मवेशियों के शव बहते रहते हैं। इस पानी का उपयोग शौच के लिए भी करते है। इसके अलावा घरों का गंदा पानी भी इसी में बहा देते हैं। साथ ही नहर के किनारे रहने वाले लोग अपने घरों की पूरी गंदगी, कुड़ा करकट, कचरा सब कुछ इसी में बहा देते हैं। जिससे पानी खराब होता है। इन सबको लोग देखते तो हैं, लेकिन इसके खतरे से अनजान रहते हैं। इसलिए सिंचाई विभाग द्वारा लोगों को जागरूक करने के लिए नहर में चेतावनी भी लिखा दी गई है।
नहर के किनारे रहने वाले लोग भी अपने घरों की पूरी गंदगी डाल देते हैं पानी में
नहर में बह रहे हैं कई प्रकार की गंदगी।
रायपुर में फैल चुका है डायरिया इसलिए प्रशासन सतर्क
गंदा पानी का उपयोग करने से रायपुर में डायरिया फैल चुका है। वहां लोगों की मौत भी हो चुकी है, इस वजह से जिला प्रशासन सतर्क है। कलेक्टर नीरज बनसोड़ ने लोगों को जागरूक करने के लिए नहर में ही इसकी सूचना लिखने के लिए सिंचाई विभाग के अधिकारी को निर्देश दिया था।